बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, पाम-पामोलीन और बिनौला तेल में सुधार

बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, पाम-पामोलीन और बिनौला तेल में सुधार

बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, पाम-पामोलीन और बिनौला तेल में सुधार
Modified Date: May 3, 2026 / 11:15 am IST
Published Date: May 3, 2026 11:15 am IST

नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन मंडियों में सस्ता होने के कारण मांग बढ़ने से सरसों तेल-तिलहन, डीओसी की स्थानीय मांग बढ़ने से सोयाबीन तिलहन, गर्मियों में औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा उपलब्धता घटने और मांग होने से बिनौला तेल के दाम में सुधार आया।

दूसरी ओर ऊंचे भाव पर मांग प्रभावित रहने से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में गिरावट आई जबकि आयातकों द्वारा लागत से नीचे दाम पर बिकवाली के बीच सोयाबीन तेल कीमतें स्थिर रहीं।

बाजार सूत्रों ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में सरसों तेल की आवक कम बनी रही जबकि सोयाबीन तेल से सरसों तेल क दाम उत्तर भारत (हरियाणा और दिल्ली) में 12-14 रुपये किलो सस्ता है जबकि देश में अन्य स्थानों पर यह 7-8 रुपये किलो सस्ता है। इस कारण कम आयवर्ग में भी सरसों तेल की मांग बढ़ रही है। इन वजहों से बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया।

उन्होंने कहा कि सरसों तेल के रिफाइंड भी बनाये जा रहे हैं और खपत की ये रफ्तार आगे जाकर दिक्कत पैदा कर सकता है। सरकार को इस वक्त सरसों का स्टॉक बनाने की ओर विशेष ध्यान देना होगा जो आड़े वक्त फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा बाजार में सटोरिये भी हावी दिख रहे हैं जो सरसों का स्टॉक बनाने की जुगत कर रहे हैं ताकि दाम बढ़ने पर वे मौके का फायदा ले सकें।

उन्होंने कहा कि ऐसे कुछ समीक्षकों द्वारा सरसों की आवक के बारे में पेश किया जाने वाला अनुमान, उनके अपने फायदे और किसानों का मनोबल तोड़कर उनकी ऊपज सस्ते में हड़पने की कोशिशों से प्रेरित मालूम पड़ता है। इसके प्रति सजगता बरतने की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि देश में सोयाबीन के तेल-रहित खल (डी-आयल्ड केक या डीओसी) की मांग बढ़ रही है जिस वजह से बीते सप्ताह सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार दिखा। जबकि आयातकों द्वारा लागत से नीचे दाम पर बिकवाली करने की वजह से समीक्षाधीन सप्ताहांत में सोयाबीन तेल के दाम अपने पूर्व सप्ताहांत के स्तर पर ही स्थिर बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि मंहगे दाम के कारण मांग कमजोर रहने से बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में गिरावट देखी गई। मूंगफली का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे है। पिछले दिनों सरकार ने मूंगफली की बिकवाली की थी लेकिन सरकार को अभी मूंगफली और सोयाबीन जैसे ऊपज का स्टॉक रखना चाहिये जो आड़े वक्त काम आयेगा। मूंगफली और सरसों का विक्लप भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने महीने की शुरुआत में ही आयातित खाद्यतेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि की है और इसके तहत सीपीओ का आयात शुल्क मूल्य 44 रुपये प्रति क्विंटल और पामोलीन का 94 रुपये क्विंटल बढ़ाया है। इसके अलावा लागत से नीचे दाम पर बिकवाली किये जाने की वजह से पाम-पामोलीन तेल के दाम में भी सुधार आया। गर्मियों में औद्योगिक मांग बढ़ने से भी इस तेजी को समर्थन मिला। उपलब्धता कम रहने के बीच बिनौला तेल के दाम में भी सुधार आया।

सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 160 रुपये के सुधार के साथ 7,000-7,025 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दादरी मंडी में बिकने वाला सरसों तेल 150 रुपये के सुधार के साथ 14,350 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 25-25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,400-2,500 रुपये और 2,400-2,545 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 375-375 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 6,525-6,575 रुपये और 6,175-6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

दूसरी ओर मांग की कमी और आयातित सोयाबीन डीगम तेल की लागत से कम दाम पर बिकवाली होने के बीच, दिल्ली में सोयाबीन तेल 16,000 रुपये प्रति क्विंटल, इंदौर में सोयाबीन तेल 15,850 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 12,550 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रुख के साथ बंद हुए।

दूसरी ओर, मूंगफली तिलहन का दाम 100 रुपये की गिरावट के साथ 6,650-7,125 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 250 रुपये की गिरावट के साथ 15,750 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 30 रुपये की गिरावट के साथ 2,500-2,800 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 225 रुपये के सुधार के साथ 13,650 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन दिल्ली का भाव 100 रुपये बढ़कर 15,450 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव भी 150 रुपये की मजबूती के साथ 14,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

सुधार के आम रुख के अनुरूप, बिनौला तेल का दाम 150 रुपये के सुधार के साथ 15,100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

भाषा राजेश पाण्डेय

पाण्डेय


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