नगालैंड विधानसभा ने 2026-27 के लिए 22,127 करोड़ रुपये का बजट किया पारित

नगालैंड विधानसभा ने 2026-27 के लिए 22,127 करोड़ रुपये का बजट किया पारित

नगालैंड विधानसभा ने 2026-27 के लिए 22,127 करोड़ रुपये का बजट किया पारित
Modified Date: March 27, 2026 / 07:52 pm IST
Published Date: March 27, 2026 7:52 pm IST

कोहिमा, 27 मार्च (भाषा) नगालैंड विधानसभा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट शुक्रवार को पारित कर दिया। इसके तहत राज्य की संचित निधि से 22,127 करोड़ रुपये से अधिक के व्यय को अधिकृत किया गया है।

बजट को नगालैंड विनियोग विधेयक, 2026 के माध्यम से मंजूरी दी गई, जिसे मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने पेश किया था। इसके तहत 31 मार्च 2027 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए सरकारी व्यय को पूरा करने हेतु 22,127.33 करोड़ रुपये की निकासी को अधिकृत किया गया है।

रियो वित्त विभाग भी संभालते हैं।

कुल परिव्यय में से अधिकत हिस्सा करीब 17,972.70 करोड़ रुपये के राजस्व व्यय का है जबकि पूंजीगत व्यय लगभग 4,154.63 करोड़ रुपये है।

बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभों के लिए आवंटित किया गया है जो अकेले 3,928 करोड़ रुपये है।

इसी प्रकार सिविल पुलिस, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और लोक निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी प्रमुख आवंटन किए गए हैं।

बजट में सड़कों व पुलों, बिजली, जल आपूर्ति और शहरी विकास जैसे पूंजी-गहन क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय निवेश का संकेत दिया गया है। हालांकि सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण इन पर कुछ बाधाएं बनी हुई हैं।

सड़क, आवास एवं बिजली जैसे प्रमुख अवसंरचना क्षेत्रों को पर्याप्त आवंटन मिला है लेकिन इनके विस्तार के लिए काफी हद तक केंद्र की सहायता पर निर्भर रहना पड़ेगा।

सरकार द्वारा उजागर की गई वित्तीय चुनौतियों, विशेष रूप से वर्तमान वित्त आयोग चक्र के तहत राजस्व घाटा अनुदान की अनुपस्थिति की पृष्ठभूमि में यह बजट पारित हुआ है।

इससे पहले बजट पर सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि केंद्र से पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने पर राज्य को वेतन, पेंशन और ऋण सेवा जैसी देनदारियों को पूरा करने में कठिनाई हो सकती है।

उन्होंने सदन को बताया कि राज्य ने 2026-27 के लिए केंद्र से न्यूनतम 4,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता का अनुमान लगाया है और आशा व्यक्त की कि केंद्रीय वित्त मंत्री के आश्वासन के बाद यह धन जारी किया जाएगा।

विधानसभा ने पूर्व व्ययों के नियमितीकरण और अनुपूरक मांगों से संबंधित तीन अन्य विनियोग विधेयक भी पारित किए।

सदन ने ध्वनिमत से 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांग को मंजूरी दी। इसके तहत चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त एवं अप्रत्याशित खर्चों को पूरा करने के लिए 5,366.15 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय को अधिकृत किया गया।

अनुपूरक बजट को नगालैंड विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 के माध्यम से पारित किया गया। इसे मुख्यमंत्री ने पेश किया था और जिसके तहत 31 मार्च तक के व्ययों को पूरा करने के लिए राज्य की संचित निधि से राशि निकालने की अनुमति दी गई।

विधानसभा की लोक लेखा समिति की 2024-25 की 137वीं रिपोर्ट की सिफारिश के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 1,97,95,00,000 रुपये के अतिरिक्त व्यय के नियमितीकरण को भी विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2026 के रूप में पारित किया गया।

विनियोग (संख्या 1) विधेयक भी वर्ष 2018-19 के अतिरिक्त व्यय के नियमितीकरण के लिए पारित किया गया, जैसा कि लोक लेखा समिति की 2024-25 की 134वीं रिपोर्ट में अनुशंसित किया गया था।

इन विधेयकों को रियो ने पेश किया और ध्वनिमत से पारित किया गया।

इसके बाद अध्यक्ष शेयरिंगन लोंगकुमेर ने सदन के सभी कार्यों को समाप्त करते हुए विधानसभा की विभिन्न वित्तीय और गैर-वित्तीय समितियों के गठन की घोषणा की।

राज्य के सात दिन लंबे बजट सत्र के सभी कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए विधायकों और वरिष्ठ नौकरशाहों की सराहना करते हुए लोंगकुमेर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया और कहा कि 2047 तक विकसित भारत के साथ एक विकसित राज्य के रूप में नगालैंड की प्रगति और परिवर्तन की शुरुआत राज्य के लिए तैयार किए गए इस सुविचारित, समावेशी एवं प्रगतिशील बजट से होती है।

भाषा निहारिका रमण

रमण


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