भू-राजनीतिक तनाव की वजह से पश्चिम एशिया को नाल्को का एल्युमिना निर्यात घटा : सीएमडी

भू-राजनीतिक तनाव की वजह से पश्चिम एशिया को नाल्को का एल्युमिना निर्यात घटा : सीएमडी

भू-राजनीतिक तनाव की वजह से पश्चिम एशिया को नाल्को का एल्युमिना निर्यात घटा : सीएमडी
Modified Date: May 10, 2026 / 11:10 am IST
Published Date: May 10, 2026 11:10 am IST

नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लि. (नाल्को) ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण क्षेत्र को होने वाला उसका एल्युमिना निर्यात प्रभावित हुआ है।

कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कंपनी के नतीजों की घोषणा के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि नाल्को के कुल एल्युमिना निर्यात का करीब 40-50 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया को जाता था, जो मौजूदा हालात से प्रभावित हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘आपूर्ति बाधाओं की वजह से निर्यात गंतव्यों में बदलाव से वैश्विक स्तर पर हाजिर बाजार में एल्युमिना की कीमतों में गिरावट आई है।’’

कंपनी के अनुसार, पश्चिम एशिया में आपूर्ति बाधित होने के कारण वैश्विक हाजिर एल्युमिना कीमत घटकर 305-310 डॉलर प्रति टन रह गई है।

नाल्को के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ने कहा, ‘‘हालांकि, अब हमें इंडोनेशिया और अन्य स्थानों से ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे हाजिर कीमतों में गिरावट आई है।’’

नाल्को ने कहा कि पश्चिम एशिया के स्मेल्टर फिलहाल कम क्षमता पर काम कर रहे हैं और उनके पूर्ण क्षमता पर पहुंचने तक हाजिर बाजार में एल्युमिना कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष का असर एल्युमीनियम मूल्य श्रृंखला पर भी पड़ा है। अधिक आपूर्ति के कारण कुछ क्षेत्रों में एल्युमिना कीमतों में गिरावट आई है, जबकि उत्पादन बाधाओं और पोत परिवहन संबंधी दिक्कतों की वजह से परिष्कृत एल्युमीनियम की कीमतें बढ़ी हैं।

नाल्को ने 2025-26 में 23 लाख टन एल्युमिना का उत्पादन किया, जिसमें से 13.08 लाख टन का निर्यात किया गया।

कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही में 16.6 प्रतिशत घटकर 1,722.44 करोड़ रुपये रह गया, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 2,067.23 करोड़ रुपये था।

समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की आय घटकर 5,012.82 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 5,267.83 करोड़ रुपये थी।

भाषा अजय

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