ईस्टमैन ऑटो के खिलाफ दिवाला अपील को एनसीएलएटी ने खारिज किया

ईस्टमैन ऑटो के खिलाफ दिवाला अपील को एनसीएलएटी ने खारिज किया

ईस्टमैन ऑटो के खिलाफ दिवाला अपील को एनसीएलएटी ने खारिज किया
Modified Date: March 17, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: March 17, 2026 6:45 pm IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने ईस्टमैन ऑटो एंड पावर के खिलाफ दायर दिवाला अपील को खारिज करते हुए एनसीएलटी का आदेश बरकरार रखा।

एनसीएलएटी की दो-सदस्यीय पीठ ने कहा कि परिचालन लेनदार वेव इंडिया एनर्जी सॉल्यूशंस के साथ ईस्टमैन ऑटो का विवाद दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा आठ के तहत नोटिस जारी होने से पहले ही मौजूद था लिहाजा इसे ‘पूर्व-विद्यमान विवाद’ माना जाएगा।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) को विवाद के गुण-दोष में जाने या किसी पक्ष की सफलता की संभावना का आकलन करने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि नोटिस जारी होने से पहले वास्तविक विवाद मौजूद हो तो आईबीसी, 2016 की धारा नौ के तहत दायर दिवाला याचिका खारिज करना पर्याप्त है।

इससे पहले, एनसीएलटी की दिल्ली पीठ ने 13 अक्टूबर, 2023 को इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद परिचालन लेनदार ने इस आदेश को अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी थी लेकिन वहां भी उसे खारिज कर दिया गया।

मामले में वेव इंडिया एनर्जी ने 1.02 करोड़ रुपये के बकाये और 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का दावा किया था। लेकिन ईस्टमैन ऑटो ने दिसंबर, 2022 में ईमेल के जरिये भुगतान दायित्व को विवादित बताया।

वर्ष 2018 में दोनों पक्षों के बीच इन्वर्टर बैटरियों की आपूर्ति के लिए समझौता हुआ था।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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