नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने वेदांता लिमिटेड की दो याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दीं। कंपनी ने इनमें कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की बोली के चयन को चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की दो-सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘ अपीलकर्ता (वेदांता) द्वारा ऐसा कोई आधार नहीं बनाया गया है जिससे निर्णायक प्राधिकरण (एनसीएलटी) के निर्णय में हस्तक्षेप किया जा सके।’’
पीठ ने कहा, ‘‘ अपील में कोई दम नहीं है। दोनों अपीलें खारिज की जाती हैं। कोई आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है।’’
अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) का निर्णय ‘‘ विभिन्न समाधान योजनाओं के समग्र मूल्यांकन’’ और उनकी व्यावसायिक समझ पर आधारित था।
एनसीएलएटी ने यह भी कहा कि समाधान प्रक्रिया के दौरान समाधान पेशेवर द्वारा कोई ‘‘महत्वपूर्ण अनियमितता’’ नहीं की गई।
वेदांता ने मूल्यांकन मानदंड पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उसकी बोली सकल मूल्य के लिहाज से 3,400 करोड़ रुपये अधिक और शुद्ध वर्तमान मूल्य (एनपीवी) के आधार पर लगभग 500 करोड़ रुपये अधिक थी।
इसे खारिज करते हुए एनसीएलएटी ने कहा कि सीओसी द्वारा उच्च मूल्य वाली योजना को मंजूरी न देना ‘‘मनमाना या अनुचित’’ नहीं कहा जा सकता।
इससे पहले 24 मार्च को एनसीएलएटी ने वेदांता समूह की उस याचिका पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसमें राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के 17 मार्च के आदेश को चुनौती दी गई थी। हालांकि एनसीएलएटी ने कहा था कि अंतिम फैसला अपील के परिणाम पर निर्भर करेगा।
कंपनी विधि न्यायाधिकरण की इलाहाबाद पीठ ने 17 मार्च को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी थी, जिसे वेदांता ने एनसीएलएटी में चुनौती दी थी।
वेदांता ने इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में भी चुनौती दी थी लेकिन शीर्ष अदालत ने रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश दिया कि जेएएल की निगरानी समिति कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय लेने से पहले न्यायाधिकरण की अनुमति ले।
अदाणी एंटरप्राइजेज ने जेएएल के लिए लगाई बोली में वेदांता लिमिटेड और डालमिया भारत को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की। अदाणी एंटरप्राइजेज को कर्जदाताओं के सर्वाधिक 89 प्रतिशत मत मिले थे।
एनसीएलएटी ने 23 अप्रैल को वेदांता, समाधान पेशेवर, सीओसी और अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड सहित सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनवाई पूरी कर ली थी।
गौरतलब है कि जेपी समूह की प्रमुख कंपनी जेएएल को 57,185 करोड़ रुपये कर्ज के भुगतान में चूक के बाद जून, 2024 में कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में शामिल किया गया था।
जेएएल की ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स जैसी प्रमुख रियल एस्टेट परियोजनाएं हैं। इसके मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में चार सीमेंट संयंत्र हैं और मध्य प्रदेश में कुछ पट्टे पर ली गई चूना पत्थर की खदानें हैं।
इसके अलावा, इसने जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड, यमुना एक्सप्रेसवे टोलिंग लिमिटेड, जेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड और कई अन्य कंपनियों सहित अनुषंगी कंपनियों में भी निवेश किया है।
भाषा निहारिका मनीषा
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