एनसीएलटी ने बोइंग से 500 करोड़ रुपये वापसी की जेट एयरवेज की याचिका खारिज की
एनसीएलटी ने बोइंग से 500 करोड़ रुपये वापसी की जेट एयरवेज की याचिका खारिज की
नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने बंद पड़ी एयरलाइन जेट एयरवेज के परिसमापक की वैश्विक विमान विनिर्माता बोइंग से करीब 500 करोड़ रुपये की वापसी की याचिका खारिज कर दी है।
एनसीएलटी की दो-सदस्यीय मुंबई पीठ ने कहा कि मामला दोनों पक्षों के बीच अनुबंध विवाद से जुड़ा है, जिसका फैसला विस्तृत सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।
पीठ ने कहा कि विमान खरीद समझौतों के तहत किए गए आपूर्ति-पूर्व भुगतान से जुड़े विवादित तथ्यों और कानूनी मुद्दों का निपटारा दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत एनसीएलटी के अधिकार क्षेत्र में नहीं किया जा सकता है।
जेट एयरवेज ने वर्ष 2013 में बोइंग के साथ दो 737-8 और 787-9 विमानों की खरीद के लिए समझौते किए थे और करीब 9.21 करोड़ डॉलर का अग्रिम भुगतान किया था। बोइंग ने भुगतान में देरी का हवाला देते हुए मई, 2019 में इन समझौतों को निलंबित कर दिया था।
जेट एयरवेज के खिलाफ जून, 2019 में कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू होने के बाद बोइंग ने विमान खरीद समझौतों के तहत बकाया राशि का दावा किया था। परिसमापन प्रक्रिया के दौरान बोइंग का दावा बढ़कर 873.78 करोड़ रुपये हो गया।
न्यायाधिकरण ने कहा कि बोइंग द्वारा समझौतों को निलंबित करना और बाद में समाप्त कर देना, अग्रिम राशि को जब्त करना तथा उसे अपने दावे के विरुद्ध समायोजित करना उचित था या नहीं, इन सवालों का निपटारा सक्षम अदालत में किया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि इसके लिए संबंधित समझौतों की समीक्षा, पक्षों द्वारा साक्ष्य पेश किए जाने और पूरी सुनवाई की आवश्यकता होगी।
जेट एयरवेज की परिसमापन प्रक्रिया 26 नवंबर, 2024 से चल रही है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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