एआई के दौर में लगातार नये कौशल सीखने पर ध्यान देने की जरूरत : मांडविया

एआई के दौर में लगातार नये कौशल सीखने पर ध्यान देने की जरूरत : मांडविया

एआई के दौर में लगातार नये कौशल सीखने पर ध्यान देने की जरूरत : मांडविया
Modified Date: September 28, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: September 28, 2026 7:15 pm IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कृत्रिम मेधा (एआई) और नई प्रौद्योगिकी की बदलाव लाने की क्षमता का जिक्र करते हुए लगातार नये कौशल सीखने और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक संबंध प्रणाली की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादकता और कर्मचारियों की दक्षता, सुरक्षा और भागीदारी के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘औद्योगिक संबंध और श्रम पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे।

सीआईआई के बयान के अनुसार, उन्होंने खासकर नई प्रौद्योगिकी का काम की दुनिया पर पड़ रहे असर को देखते हुए नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच सार्थक बातचीत का आह्वान किया,

मांडविया ने चार श्रम कानूनों की भूमिका का भी उल्लेख किया। ये कानून एक आधुनिक और विकास-समर्थक ढांचा बनाने के साथ-साथ उद्योग के लिए नियमों का अनुपालन आसान बनाते हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करते हैं।

मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा कवच का विस्तार करने और एक समावेशी श्रम परिवेश बनाने के महत्व पर जोर दिया, जो संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों तक पहुंचे।

मांडविया ने सरकार, उद्योग, कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों से मिलकर काम करने, बेहतरीन तौर-तरीके विकसित करने और साझेदारी की मजबूत संस्कृति बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि जब कर्मचारियों का सम्मान और उद्योग का विकास साथ-साथ आगे बढ़ते हैं, तो आर्थिक वृद्धि और रोजगार भी साथ-साथ चल सकते हैं, जिससे टिकाऊ विकास की नींव पड़ती है।

भाषा राजेश राजेश अजय रमण

रमण


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