थोक उपभोक्ता पेट्रोल पंप से खरीद रहे सस्ता डीजल, जियो-बीपी और नायरा ने लगाई सीमा
थोक उपभोक्ता पेट्रोल पंप से खरीद रहे सस्ता डीजल, जियो-बीपी और नायरा ने लगाई सीमा
नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) सस्ता डीजल खरीदने के लिए औद्योगिक और अन्य थोक उपभोक्ताओं के पेट्रोल पंप का रुख करने से आपूर्ति और खुदरा नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है। इस वजह से निजी ईंधन विक्रेताओं जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने अपने पेट्रोल पंप पर डीजल की खरीद की सीमा तय कर दी है।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि जियो-बीपी के पेट्रोल पंप पर एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 50 लीटर डीजल खरीदने की अनुमति है, जबकि नायरा एनर्जी के पंप पर यह सीमा 70 से 200 लीटर के बीच रखी गई है।
ऐसी स्थिति में सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के पेट्रोल पंप पर भी डीजल की खरीद पर मात्रा संबंधी सीमा लगाए जाने की आशंका है।
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें मई से स्थिर हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़कर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं। वहीं, औद्योगिक और अन्य थोक उपभोक्ताओं को समर्पित पंप के जरिये दिए जाने वाले ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप अधिक बढ़ी हैं।
इससे डीजल के खुदरा और थोक उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले ईंधन की कीमत में 40 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर पैदा हो गया है। सूत्रों ने कहा कि इस अंतर के कारण बड़े उपभोक्ता पेट्रोल पंप से ही डीजल खरीदने लगे हैं।
थोक उपभोक्ताओं में कारखाने और विनिर्माण इकाइयां शामिल हैं, जो मशीनरी या बैकअप बिजली के लिए डीजल का इस्तेमाल करती हैं। इसके अलावा दूरसंचार कंपनियां, होटल, मॉल, डेटा सेंटर और अस्पताल भी आपात बिजली के लिए डीजल जेनरेटर पर निर्भर रहते हैं।
इस तरह के कुछ उपभोक्ता पेट्रोल पंप से एक बार में 400 से 600 लीटर डीजल खरीद रहे हैं, जो आम वाहन मालिकों की खरीद से काफी अधिक है। इससे पेट्रोल पंप पर ईंधन के भंडार पर दबाव बढ़ गया है। प्रत्येक पंप की भंडारण क्षमता सीमित होती है और ईंधन की दोबारा आपूर्ति में कम-से-कम दो दिन लग सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ईंधन भंडार में आ रही इस कमी को देखते हुए जियो-बीपी और नायरा ने अपने पंप पर डीजल की दैनिक खरीद सीमा लागू कर दी है।
जियो-बीपी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ब्रिटेन की बीपी का संयुक्त उद्यम है और देश में इसके 2,227 पेट्रोल पंप हैं। वहीं, रूस की कंपनी रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी के 7,105 पंप हैं।
जियो-बीपी के प्रवक्ता ने इस बारे में संपर्क किए जाने पर कहा कि मौजूदा मांग की स्थिति को देखते हुए कंपनी परिवहन और अन्य जरूरतों के लिए ईंधन की समान रूप से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठा रही है, खासकर औद्योगिक और अन्य गैर-परिवहन उपयोग की मांग को देखते हुए।
हालांकि, नायरा एनर्जी ने टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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