ईंधन आयात पर भारत की अत्यधिक निर्भरता कम करने की जरूरत: पीएमओ सलाहकार

ईंधन आयात पर भारत की अत्यधिक निर्भरता कम करने की जरूरत: पीएमओ सलाहकार

ईंधन आयात पर भारत की अत्यधिक निर्भरता कम करने की जरूरत: पीएमओ सलाहकार
Modified Date: June 5, 2026 / 08:48 pm IST
Published Date: June 5, 2026 8:48 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के सलाहकार तरुण कपूर ने शुक्रवार को कहा कि भारत अब ईंधन आयात पर अत्यधिक निर्भर नहीं रह सकता है और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए परिवहन क्षेत्र को घरेलू रूप से उत्पादित ईंधनों की ओर तेजी से बढ़ना चाहिए।

कपूर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में जारी तनावों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है और बाहरी आपूर्ति व्यवधानों के प्रति भारत की संवेदनशीलता को उजागर किया है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात से पूरी करता है।

कपूर ने वाहन कंपनियों के संगठन सियाम द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कहा, ‘‘भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में परिवहन क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका होनी चाहिए। हम बड़े पैमाने पर ईंधन आयात पर निर्भर नहीं रह सकते और समय के साथ हमें ऐसे ईंधनों की ओर बढ़ना होगा जिनका उत्पादन देश के भीतर किया जा सके।’’

उन्होंने कहा कि तिपहिया वाहनों में विद्युतीकरण की संभावनाएं बेहतर हैं, लेकिन चार-पहिया वाहनों में भी इसे अपनाने की रफ्तार को काफी तेज करने की जरूरत है।

कपूर ने कहा कि भारत जैव-ईंधन, एथनॉल और आइसोब्यूटेनॉल मिश्रण, फ्लेक्स-फ्यूल प्रौद्योगिकी, संपीडित जैव-गैस, हरित हाइड्रोजन, एलएनजी, सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहन और कृत्रिम ईंधन जैसे स्वच्छ एवं वैकल्पिक ईंधन विकल्पों पर एक साथ काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, “इसके अलावा, घरेलू ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और स्वच्छ गतिशीलता, ऊर्जा सुरक्षा एवं कार्बन उत्सर्जन में कटौती के व्यापक प्रयासों के तहत कोयला गैसीकरण आधारित ईंधन विकल्पों की भी तलाश की जा रही है।”

भाषा यासिर प्रेम

प्रेम


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