नीति आयोग की बैठक: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने आदिवासियों के लिए योजना पेश की

नीति आयोग की बैठक: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने आदिवासियों के लिए योजना पेश की

नीति आयोग की बैठक: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने आदिवासियों के लिए योजना पेश की
Modified Date: June 11, 2026 / 03:48 pm IST
Published Date: June 11, 2026 3:48 pm IST

नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में डेयरी विकास के जरिये आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, 32,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने तथा कृत्रिम मेधा (एआई) और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना पेश की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में साय ने कहा कि कभी नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा बस्तर अब रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास के बल पर आर्थिक पुनरुत्थान का मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य में बदलने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।

साय ने कहा कि बस्तर नई पहचान हासिल कर रहा है। यहां दूध उत्पादन बढ़ाने, खेतों तक पानी पहुंचाने, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की औसत मासिक आय बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में क्षेत्र के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से कम है।

उन्होंने बताया कि 32,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा के दायरे में लाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की दो बड़ी परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।

भाषा योगेश अजय

अजय


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