गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300 गीगावाट के पार, 2030 तक 500 गीगावाट लक्ष्य की राह पर भारत: जोशी

गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300 गीगावाट के पार, 2030 तक 500 गीगावाट लक्ष्य की राह पर भारत: जोशी

गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300 गीगावाट के पार, 2030 तक 500 गीगावाट लक्ष्य की राह पर भारत: जोशी
Modified Date: August 6, 2026 / 12:45 pm IST
Published Date: August 6, 2026 12:45 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 300 गीगावाट के आंकड़े को पार कर गई है और देश 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित सातवें सीआईआई अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जनवरी से जून के बीच केवल छह महीने में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में 30.58 गीगावाट की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारत ने 90 गीगावाट अक्षय ऊर्जा या गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता जोड़ी है।

जोशी ने कहा, ‘हमारी गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता 300 गीगावाट के पार पहुंच गई है और हम 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।’

मंत्री ने उद्योग जगत के दिग्गजों से अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में अधिक निवेश करने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देश में 50 लाख से अधिक घरों का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। इस योजना के तहत हर छह दिन में करीब एक लाख नए घर जुड़ रहे हैं।

जोशी ने बताया कि छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने (रूफटॉप सोलर) की गति में पिछले नौ महीनों में 3.2 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। अक्टूबर 2025 में जहां प्रतिदिन 5,000 संयंत्र लगाए जा रहे थे, वहीं जुलाई 2026 में यह संख्या बढ़कर 16,328 से अधिक प्रतिदिन हो गई है।

उन्होंने कहा कि 19 लाख घरों को शून्य बिजली बिल मिल रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजना के तहत 12 लाख से अधिक घरों ने अतिरिक्त बिजली बेचकर 421 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। ये घर केवल बिजली का उपभोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उसका उत्पादन भी कर रहे हैं, जिससे प्रत्येक घर को सालाना औसतन 3,500 रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि देश में छत पर सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 14 गीगावाट तक पहुंच गई है।

भाषा योगेश

योगेश


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