NPS Swasthya Final Rules: बीमारी के इलाज के लिए पैसों की टेंशन खत्म? 25% तक पैसा निकाल सकेंगे, साथ में 30 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर, जानें कैसे

NPS Swasthya Final Rules: NPS से जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए PFRDA ने फाइनल नियम जारी कर दिए हैं। इनमें इलाज के लिए पैसे निकालने, इंश्योरेंस कवर, योगदान और NPS से बाहर निकलने के नियम शामिल हैं। नए दिशानिर्देशों से ग्राहकों को स्वास्थ्य खर्च और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को समझने में बेहद आसानी होगी।

NPS Swasthya Final Rules: बीमारी के इलाज के लिए पैसों की टेंशन खत्म? 25% तक पैसा निकाल सकेंगे, साथ में 30 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर, जानें कैसे

(NPS Swasthya Final Rules/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: September 20, 2026 / 12:53 pm IST
Published Date: September 20, 2026 12:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • PFRDA ने NPS Swasthya के फाइनल नियम जारी किए।
  • इलाज के लिए 25% तक रकम निकाल सकेंगे।
  • हेल्थ इंश्योरेंस में ₹30 लाख तक का कवर।

बिजनेस: NPS Swasthya Final Rules: पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत NPS स्वास्थ्य के फाइनल (NPS Swasthya Final Rules) नियम जारी कर दिए हैं। इस योजना का मकसद रिटायरमेंट सेविंग के साथ स्वास्थ्य खर्चों के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत सब्सक्राइबर को हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा मिलेगी और मेडिकल जरूरत पड़ने पर NPS स्वास्थ्य खाते से सीमित राशि निकालने की अनुमति होगी। योजना में NPS निवेश अकाउंट और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी अलग-अलग रहेंगे लेकिन इंश्योरेंस लेना योजना में शामिल होने के लिए जरूरी होगा।

इलाज के लिए निकाल सकेंगे 25% तक पैसा

NPS स्वास्थ्य के तहत सब्सक्राइबर योग्य स्वास्थ्य खर्चों के लिए अपने NPS स्वास्थ्य अकाउंट में जमा योगदान का अधिकतम 25% निकाल सकेंगे। इसमें तय आउटपेशेंट और इनपेशेंट इलाज का खर्च शामिल हो सकता है। सबसे खास बात यह है कि पार्शियल विड्रॉल की संख्या पर कोई तय सीमा नहीं रखी गई है। इस पैसे का भुगतान सीधे ग्राहक को करने के बजाय अस्पताल, हेल्थकेयर प्रोवाइडर या संबंधित योग्य संस्था को किया जाएगा। गंभीर स्थिति में जब अस्पताल का खर्च निकासी सीमा से ज्यादा हो तो समय से पहले एग्जिट के नियम के तहत NPS स्वास्थ्य कॉर्पस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

30 लाख रुपये तक मिलेगा हेल्थ इंश्योरेंस

योजना में हेल्थ इंश्योरेंस को फैमिली फ्लोटर (NPS Swasthya Final Rules) के रूप में रखा गया है। इसमें सब्सक्राइबर, जीवनसाथी और अधिकतम दो आश्रित बच्चे शामिल हो सकते हैं। माता-पिता को इस कवर में शामिल नहीं किया गया है। अलग-अलग डिडक्टिबल के हिसाब से चार विकल्प हैं। 10,000 रुपये डिडक्टिबल पर 1 लाख रुपये, 50,000 रुपये पर 5 लाख रुपये, 1 लाख रुपये पर 10 लाख रुपये और 3 लाख रुपये डिडक्टिबल पर 30 लाख रुपये तक का कवर मिलेगा। पॉलिसी में प्रवेश की उम्र 18 से 70 वर्ष है और नियमों के अनुसार इसे 85 वर्ष तक रिन्यू किया जा सकता है।

योगदान और चार्ज से जुड़े नियम

NPS स्वास्थ्य में शुरुआती योगदान पहले साल के इंश्योरेंस प्रीमियम, 200 रुपये के सालाना मेंटेनेंस चार्ज और कम से कम 1,000 रुपये के निवेश से जुड़ा होगा। बाद में न्यूनतम योगदान 10 रुपये रखा गया है। पेंशन फंड योजना के कॉर्पस पर सालाना अधिकतम 0.08 प्रतिशत तक चार्ज ले सकता है। इसके अलावा 200 रुपये का सालाना मेंटेनेंस चार्ज और लागू टैक्स भी देना होगा। मौजूदा NPS सब्सक्राइबर ऑल सिटिजन मॉडल से NPS स्वास्थ्य में सीमित राशि ट्रांसफर भी कर सकते हैं।

प्रीमियम नहीं भरने पर क्या होगा?

अगर इंश्योरेंस रिन्यू कराने के लिए खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है, तो पेंशन फंड को संभव होने पर ग्राहक को 90, 60 और 30 दिन पहले अलर्ट देना होगा। ग्रेस पीरियड में भी प्रीमियम जमा नहीं होने पर इंश्योरेंस कवर समाप्त हो सकता है और NPS स्वास्थ्य (NPS Swasthya Final Rules) अकाउंट बंद किया जा सकता है। इसके बाद खाते को ऑल सिटिजन मॉडल वाली NPS स्कीम में मिलाया जा सकता है। इंश्योरेंस पॉलिसी में सामान्य रूप से 30 दिन का शुरुआती वेटिंग पीरियड होगा।

बीमारी के लिए वेटिंग पीरियड भी लागू

पॉलिसी में पहले से मौजूद बीमारियों और कुछ निर्धारित बीमारियों या प्रक्रियाओं के लिए 12 महीने तक का वेटिंग पीरियड हो सकता है। दुर्घटना से जुड़े मामलों पर पॉलिसी की शर्तें लागू होंगी। सामान्य एग्जिट, समय से पहले एग्जिट, मृत्यु या प्रीमियम न भर पाने जैसी स्थिति में NPS स्वास्थ्य अकाउंट बंद हो सकता है। लेकिन इससे सब्सक्राइबर के किसी अन्य NPS अकाउंट पर असर नहीं पड़ेगा। इस तरह नए नियमों में रिटायरमेंट बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा को एक साथ जोड़ने का ढांचा तैयार किया गया है।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।