एनटीपीसी ने परमाणु परियोजना के लिए पहला व्यवहार्यता अध्ययन तैयार किया

एनटीपीसी ने परमाणु परियोजना के लिए पहला व्यवहार्यता अध्ययन तैयार किया

एनटीपीसी ने परमाणु परियोजना के लिए पहला व्यवहार्यता अध्ययन तैयार किया
Modified Date: May 10, 2026 / 02:11 pm IST
Published Date: May 10, 2026 2:11 pm IST

(अभिषेक सोनकर)

नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) बिजली क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनटीपीसी जल्द ही परमाणु परियोजना के लिए अपना पहला व्यवहार्यता अध्ययन परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) को सौंपेगी और इस योजना पर आगे बढ़ने के लिए उसकी मंजूरी मांगेगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

यह मंजूरी मिलने से एनटीपीसी के लिए भारत में अपनी पहली स्वतंत्र परमाणु परियोजना पर काम शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनी 2032 तक कम से कम दो गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करने की इच्छुक है।

इसके अलावा, कंपनी दो और राज्यों में व्यवहार्यता अध्ययन करने की प्रक्रिया में है। उसे बिहार के बांका जिले में परमाणु परियोजना के लिए व्यवहार्यता अध्ययन करने को बिहार सरकार से हरी झंडी मिल गई है।

अपनी ऊर्जा विविधीकरण रणनीति के तहत एनटीपीसी 2047 तक कम से कम 14 राज्यों में लाखों करोड़ रुपये के निवेश के साथ 30 गीगावाट की परमाणु परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बना रही है।

घटनाक्रम से अवगत दो सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एनटीपीसी ने एक राज्य में व्यवहार्यता अध्ययन पूरा कर लिया है, जबकि वह अन्य दो राज्यों में यह अध्ययन करने की प्रक्रिया में है।

एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ”कंपनी जल्द ही एक राज्य में परमाणु परियोजना के लिए पूरा किया गया व्यवहार्यता अध्ययन पेश करेगी।” उन्होंने विषय की संवेदनशीलता के कारण स्थान से संबंधित कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।

परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) की स्थायी स्थल चयन समिति ऐसे किसी भी प्रस्ताव की समीक्षा करती है, और यदि वह तकनीकी रूप से व्यवहार्य पाया जाता है, तो इसे आगे की प्रक्रिया के लिए परमाणु ऊर्जा आयोग (एईसी) के पास भेजा जाता है।

एक अन्य सूत्र ने बताया कि एनटीपीसी दो और राज्यों में परमाणु परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अध्ययन पूरा करने के करीब है। हाल ही में बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग ने कंपनी को बांका जिले में एक परियोजना के लिए अध्ययन करने की मंजूरी दी है।

एनटीपीसी अपनी परमाणु योजनाओं के लिए गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की संभावनाएं तलाश रही है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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