फास्टैग वार्षिक पास उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख के पार: मंत्रालय
फास्टैग वार्षिक पास उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख के पार: मंत्रालय
नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) फास्टैग वार्षिक पास पहल ने पेश होने छह महीनों के भीतर 50 लाख उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पार कर लिया है और इस अवधि में 26.55 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए हैं। एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले यात्रियों को वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए 15 अगस्त, 2025 को वार्षिक पास सुविधा शुरू की गई थी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा, ‘फास्टैग वार्षिक पास ने पेश होने के छह महीने के भीतर 50 लाख उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पार कर 26.55 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है…’
क्षेत्रवार विश्लेषण से पता चला कि वार्षिक पास के उपयोग के मामले में चंडीगढ़ सबसे आगे है, जो देश भर में कुल वार्षिक पास लेनदेन का 14 प्रतिशत है, इसके बाद तमिलनाडु 12.3 प्रतिशत और दिल्ली 11.5 प्रतिशत के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
दिल्ली-एनसीआर स्थित बिजवासन टोल प्लाजा वार्षिक पास के उपयोग में सबसे आगे रहा, जहां कुल वाहन क्रॉसिंग का लगभग 57 प्रतिशत इसी पास के जरिए हुआ। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर का मुंडका टोल प्लाजा और सोनीपत का झिंझोली टोल प्लाजा रहे, जहां गैर-वाणिज्यिक वाहनों की करीब 53 प्रतिशत आवाजाही वार्षिक पास के माध्यम से दर्ज की गई।
राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर स्थित लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर लागू यह वार्षिक पास 3,000 रुपये की एकमुश्त राशि के भुगतान पर एक साल की वैधता या 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग की सुविधा देता है। इससे फास्टैग को बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं रहती और यह पास वैध फास्टैग वाले सभी गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए उपलब्ध है।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय

Facebook


