एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे कृषि, ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारी, कार-पूलिंग का भी फैसला
एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे कृषि, ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारी, कार-पूलिंग का भी फैसला
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मितव्ययिता और विदेशी मुद्रा बचत के आह्वान के समर्थन में एक वर्ष तक (शादी-विवाह जैसे विशेष अवसरों को छोड़कर) सोना नहीं खरीदने का स्वैच्छिक निर्णय लिया है। सोमवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी के ‘संयम, संसाधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता’ के आह्वान को प्रशासनिक स्वरूप देने की दिशा में लिया गया है।
बयान के मुताबिक, दोनों मंत्रालयों में बिजली, ईंधन बचत, वर्चुअल कामकाज और सरकारी खर्च घटाने को लेकर भी कई कदम उठाए गए हैं। इसमें कार्यालयों में अनावश्यक बिजली उपकरणों को बंद रखने, 20 प्रतिशत कर्मचारियों को बारी-बारी से ‘वर्क फ्रॉम होम’ देने और कार-पूलिंग प्रणाली लागू करने जैसे उपाय शामिल हैं।
इस निर्णय के तहत दोनों मंत्रालयों के अधिकारी अब सप्ताह में एक दिन कार-पूलिंग करेंगे और वाहन उपयोग में लगभग एक-तिहाई की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, आधिकारिक यात्राओं और बैठकों को जरूरत पर आधारित बनाया जाएगा तथा संभव होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कामकाज किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि अधिकारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि अगले एक वर्ष तक वे सोना नहीं खरीदेंगे, हालांकि बेटी की शादी या विशेष पारिवारिक अवसरों पर इसमें छूट दी जाएगी। इसे एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सामाजिक-नैतिक संकल्प बताया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस निर्णय को प्रधानमंत्री के आह्वान पर गंभीर प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत संयम का उदाहरण बताया। उन्होंने मंत्रालयों में ऊर्जा संरक्षण पर भी जोर दिया।
इसके अलावा, कृषि मंत्रालय ने ‘कृषि बचाओ अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत वैज्ञानिक गांवों में जाकर मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरक उपयोग की सलाह देंगे। यह अभियान एक जून से 15 दिनों तक देशभर में चलाया जाएगा।
पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने हाल ही में सोने-चांदी के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया है, जबकि सोने के आयात पर 100 किलोग्राम की सीमा भी तय की गई है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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