वेदांता जस्ता-सीसा उत्पादन तीन गुना करेगी, तेल एवं गैस कारोबार में पांच अरब डॉलर का निवेश करेगी
वेदांता जस्ता-सीसा उत्पादन तीन गुना करेगी, तेल एवं गैस कारोबार में पांच अरब डॉलर का निवेश करेगी
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी की महत्वाकांक्षी वृद्धि की रूपरेखा पेश करते हुए मंगलवार को कहा कि कंपनी जस्ता एवं सीसा का उत्पादन लगभग तीन गुना, चांदी का उत्पादन दोगुना करेगी और लिथियम तथा दुर्लभ खनिज तत्वों सहित महत्वपूर्ण व रणनीतिक खनिजों की खोज में तेजी लाएगी। साथ ही, तेल एवं गैस कारोबार के विस्तार के लिए पांच अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी।
अग्रवाल ने वेदांता लिमिटेड की 61वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में ‘वेदांता अनलिमिटेड’ दृष्टिकोण पेश किया।
उन्होंने कहा कि कंपनी 2031 तक जस्ता और सीसा का उत्पादन बढ़ाकर लगभग 30 लाख टन करने, चांदी का उत्पादन दोगुना कर 1,500 टन तक पहुंचाने तथा इस दशक के अंत तक तांबा उत्पादन बढ़ाकर 10 लाख टन करने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि फेरोक्रोम की उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2027-28 तक बढ़ाकर पांच लाख टन की जाएगी और निकल का उत्पादन बढ़ाकर 60,000 टन किया जाएगा। कंपनी लिथियम, कोबाल्ट, सोना, तांबा, निकल, मैंगनीज, दुर्लभ खनिज तत्वों और पोटाश से जुड़े अपने 10 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉक में खोज गतिविधियों में तेजी लाएगी।
वेदांता समूह ने अपने अलग किए गए कारोबार के विस्तार की योजना दोहराते हुए कहा कि वह अगले तीन से पांच वर्षों में विभिन्न इकाइयों की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।
वेदांता एल्युमीनियम अगले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी कर 60 लाख टन सालाना करेगी और वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत वाला उत्पादक बनने का लक्ष्य रखती है।
वेदांता ऑयल एंड गैस प्रतिदिन पांच लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले तीन से पांच वर्षों में पांच अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी।
वेदांता आयरन एंड स्टील अपनी उत्पादन क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन सालाना करेगी। इस विस्तार में हरित इस्पात और विशेष श्रेणी के इस्पात पर विशेष जोर होगा।
अग्रवाल ने कहा कि वेदांता पावर के पास अपनी क्षमता बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करने की रूपरेखा है और कंपनी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी का भविष्य तीन सिद्धांतों पर.. अधिक उत्पादन, बेहतर साझेदारी और लाभ से परे के लक्ष्य पर आधारित होगा।
अग्रवाल ने कहा कि समूह की पांच स्वतंत्र कंपनियां वेदांता लिमिटेड, वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड और वेदांता पावर लिमिटेड में से प्रत्येक के 100 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की फर्म बनने की क्षमता है।
प्रौद्योगिकी को वेदांता का सबसे मजबूत सहयोगी बताते हुए अग्रवाल ने कहा, ‘‘भविष्य उन कंपनियों का है जो प्रौद्योगिकी को अपनाती हैं। कृत्रिम मेधा (एआई) दुनिया भर के उद्योगों में बदलाव ला रही है। प्रौद्योगिकी हमारी सबसे बड़ी साझेदार है। चाहे खनिज खोज हो, परिचालन, सतत विकास, सुरक्षा या उत्पादकता, हम अपने सभी कारोबार में प्रौद्योगिकी को गहराई से शामिल कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य अधिक स्मार्ट, तेज, सुरक्षित और बेहतर बनना है।’’
भाषा निहारिका अजय
अजय

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