सरकार ने सेवा सूचकांक जारी किया, अप्रैल में 14 उप-क्षेत्रों में दहाई अंक में वृद्धि
सरकार ने सेवा सूचकांक जारी किया, अप्रैल में 14 उप-क्षेत्रों में दहाई अंक में वृद्धि
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) सरकार ने मंगलवार को पहला उप-क्षेत्रवार आधारित सेवा उत्पादन परीक्षण सूचकांक जारी किया। इससे पता चलता है कि अप्रैल, 2026 में संगठित सेवा क्षेत्र के 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में दहाई अंक में वृद्धि हुई है।
इन उप-क्षेत्रों में थोक व्यापार, खुदरा, आवास और भोजन, सड़क परिवहन, हवाई परिवहन, दूरसंचार और बैंक शामिल हैं। ये सेवा क्षेत्र का लगभग 60 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
परीक्षण के तौर पर जारी सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) का आधार वर्ष 2024-25 है। इसके अनुसार, रेलवे और हवाई परिवहन को छोड़कर, सभी श्रेणी में अप्रैल, 2026 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘सेवा उत्पादन सूचकांक भारत की सांख्यिकी प्रणाली को मजबूत करने और सेवा क्षेत्र के माप को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सेवा क्षेत्र का देश की आर्थिक गतिविधियों में हिस्सेदारी आधे से अधिक है।’’
अप्रैल में हवाई परिवहन में 13.9 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं रेलवे परिवहन में 0.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
सूचकांक के अनुसार, अप्रैल में मजबूत वृद्धि वाले शीर्ष उप-क्षेत्र… आवास और भोजन (37.2 प्रतिशत), खुदरा व्यापार (30.8 प्रतिशत), प्रशासनिक और सहायता सेवाएं (28.7 प्रतिशत) और रियल एस्टेट (27.7 प्रतिशत) हैं।
सांख्यिकी मंत्रालय ने कहा कि उप-क्षेत्रीय सूचकांक जारी होने से पहली बार भारत के संगठित सेवा क्षेत्र में अल्पकालिक बदलावों का मासिक माप मिल सकेगा। इसमें लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्र कवर होगा।
अपने आंकड़ा स्रोत यानी जीएसटी और प्रशासनिक आंकड़ों के आधार पर सेवा उत्पादन सूचकांक केवल संगठित क्षेत्र की कंपनियों को ही कवर करेगा।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसके अनुसार, जो सेवा सूचकांक में नहीं आते हैं, वे या तो मुख्य सरकारी गतिविधियों से जुड़े हैं या फिर गैर-बाजार गतिविधियों और असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।’’
इसके बाद हर महीने की 29 तारीख को सेवा उत्पादन सूचकांक जारी किया जाएगा।
भाषा रमण अजय
अजय

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