अधिकारी रबी सत्र के लिए गेहूं बीज, खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करें : हरियाणा सरकार

अधिकारी रबी सत्र के लिए गेहूं बीज, खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करें : हरियाणा सरकार

अधिकारी रबी सत्र के लिए गेहूं बीज, खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करें : हरियाणा सरकार
Modified Date: August 20, 2026 / 09:27 pm IST
Published Date: August 20, 2026 9:27 pm IST

चंडीगढ़, 20 अगस्त (भाषा) हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आने वाले रबी सत्र के लिए किसानों को अच्छी गुणवत्ता के गेहूं के बीज और खाद सही मात्रा में और समय पर उपलब्ध कराएं।

उन्होंने अधिकारियों को ‘फसल अवशेष प्रबंधन योजना’ के तहत सब्सिडी पर किसानों को दी गई मशीनों का भौतिक सत्यापन जल्द पूरा करने का भी निर्देश दिया।

मंत्री ने अधिकारियों से सब्सिडी की रकम जल्द से जल्द किसानों के बैंक खातों में अंतरित करने को भी कहा।

राणा बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में अधिकारियों के साथ फसलों के लिए बीज और खाद की उपलब्धता की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों में कृषि और किसान कल्याण विभाग के निदेशक राज नारायण कौशिक भी शामिल थे।

अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि लगभग 40.64 लाख क्विंटल कच्चा गेहूं बीज उपलब्ध है, जबकि राज्य में बुवाई के लिए केवल 17-18 लाख क्विंटल बीज की जरूरत है।

कच्चे बीज के प्रसंस्करण और प्रमाणीकरण का काम अभी चल रहा है और बीज सितंबर तक तैयार हो जाएगा। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि अक्टूबर में गेहूं की बुवाई के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध है।

राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चने और मसूर की फसलों के लिए भी किसानों को अच्छी गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी करें, ताकि किसान इन दालों की बिक्री से बेहतर कमाई कर सकें।

उन्होंने अधिकारियों को आने वाले रबी सत्र के लिए यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और बुवाई व फसल की बढ़त के लिए किसानों को इनकी समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

मंत्री को बताया गया कि आज की तारीख में राज्य में 2,34,712 टन यूरिया, 55,081 टन डीएपी, 35,049 टन एनपीके और 59,610 टन एसएसपी खाद स्टॉक में है।

राणा ने कहा कि खाद वितरण को ‘‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’’ पोर्टल से जोड़ने से किसानों को फायदा हुआ है और यह सुनिश्चित हुआ है कि खाद की कोई कमी न हो।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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