युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित होने, रुपये की गिरावट से तेल-तिलहन के दाम मजबूत

युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित होने, रुपये की गिरावट से तेल-तिलहन के दाम मजबूत

युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित होने, रुपये की गिरावट से तेल-तिलहन के दाम मजबूत
Modified Date: March 18, 2026 / 08:21 pm IST
Published Date: March 18, 2026 8:21 pm IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया युद्ध के बीच खाद्य तेलों की आपूर्ति प्रभावित रहने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम मजबूत रहे। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से भी इस तेजी को मदद मिली।

शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में सुधार का रुख है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन तेल से सरसों तेल का मूल्य लगभग 7-8 रुपये किलो नीचे हो गया है और इस वजह से इसकी मांग भी बढ़ने लगी है। सरसों तेल का दाम सूरजमुखी तेल से भी 20-22 रुपये किलो कम हो गया है। इस स्थिति की वजह से सरसों तेल-तिलहन के दाम मजबूत रहे। देशी तिलहन उत्पादन बढ़ाने का यह एक फायदा है। मौजूदा स्थिति में किसानों को सरसों के अच्छे दाम भी मिल रहे हैं और किसान संभल-संभल कर सरसों बेच रहे हैं। वायदा कारोबार प्रतिबंधित रहने के कारण इसकी कीमतों में हेर-फेर नहीं हो पा रही है। वायदा कारोबार होता तो तमाम हथकंडों के जरिये सरसों के दाम तोड़ दिये जाते और किसानों की उपज को सस्ते में हड़प लिया जाता।

मौजूदा स्थिति से सरकार को देशी तेल-तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने और खाद्य वस्तुओं के वायदा कारोबार को स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने की जरूरत को समझना होगा।

उन्होंने कहा कि मजबूत डॉलर और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के दबाव में रुपया बुधवार को 23 पैसे टूटकर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 92.63 प्रति डॉलर (अस्थायी) के रिकॉर्ड निचले स्तर को छू गया। रुपये की इस गिरावट से विशेषकर आयातित खाद्य तेलों का आयात महंगा हो चला है और इसका असर बाकी तेल-तिलहनों पर भी हो रहा है जिनके दाम मजबूत हो चले हैं।

सूत्रों ने कहा कि सरकार को समय रहते कुछ ठोस फैसला करने की जरूरत है क्योंकि युद्ध की मौजूदा स्थिति लंबी खिंची और आयात प्रभावित रहा तो उस समय खाद्य तेलों की महंगाई को रोकने के लिए सोयाबीन की बिक्री रोकते हुए उसका स्टॉक बना लेना चाहिये और सरसों का भी पर्याप्त स्टॉक बना लेना चाहिये।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,750-6,775 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,225-7,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,525 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,765-3,065 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,370-2,470 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,370-2,515 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,125 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,200 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,800 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,575-5,625 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,175-5,325 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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