वैधानिक शुल्क घटने से ओएनजीसी का तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 1.6 प्रतिशत बढ़ा

वैधानिक शुल्क घटने से ओएनजीसी का तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 1.6 प्रतिशत बढ़ा

वैधानिक शुल्क घटने से ओएनजीसी का तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 1.6 प्रतिशत बढ़ा
Modified Date: February 13, 2026 / 01:47 pm IST
Published Date: February 13, 2026 1:47 pm IST

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में शुद्ध लाभ में 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। नए कुओं से गैस की अधिक प्राप्ति और वैधानिक शुल्कों में कटौती से कंपनी को सहारा मिला, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर काफी हद तक संतुलित हो गया।

कंपनी के बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी (अक्टूबर-दिसंबर) तिमाही में ओएनजीसी का एकल शुद्ध लाभ 8,372 करोड़ रुपये रहा जबकि गत वित्त वर्ष 2025-24 की इसी अवधि में यह 8,240 करोड़ रुपये था।

देश की सबसे बड़ी कच्चा तेल उत्पादक कंपनी तथा प्राकृतिक गैस आपूर्तिकर्ता ओएनजीसी को प्रति बैरल कच्चे तेल पर 10 प्रतिशत से अधिक कम प्राप्ति हुई। हालांकि प्राकृतिक गैस से होने वाली आय बढ़ी।

तीसरी तिमाही में कंपनी को कच्चे तेल पर 61.63 डॉलर प्रति बैरल मिले जो अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 72.57 डॉलर प्रति बैरल थे।

वहीं गैस बिक्री मूल्य बढ़कर 65.9 डॉलर प्रति लाख ब्रिटिश ताप इकाई (ब्रिटिश थर्मल यूनिट) हो गया, जो पहले 65 लाख डॉलर था।

ओएनजीसी के निदेशक (वित्त) विवेक चंद्रकांत टोंगांवकर ने निवेशकों से बातचीत में कहा कि नये कुओं से गैस की अधिक आय, अन्य आय में वृद्धि और वैधानिक शुल्कों में कमी के कारण कमाई बढ़ी। सरकार की नयी कुआं-गैस मूल्य निर्धारण व्यवस्था के तहत नये क्षेत्रों से निकली गैस को प्रशासित मूल्य प्रणाली से अधिक दर पर बेचा जाता है, जिससे अतिरिक्त उत्पादन पर कंपनियों को ज्यादा आमदनी होती है।

टोंगांवकर ने बताया कि तीसरी तिमाही में नये कुओं से गैस के कारण 294 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई, जबकि अप्रैल-दिसंबर (चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीने) में यह 944 करोड़ रुपये रही।

वैश्विक कच्चे तेल दाम घटने के बाद कंपनी को रॉयल्टी एवं उपकर कम चुकाने पड़े। तीसरी तिमाही में वैधानिक शुल्क घटकर 5,975 करोड़ रुपये रह गए, जो 2024-25 की इसी तिमाही में 6,630 करोड़ रुपये थे।

इसी वजह से तीसरी तिमाही में सकल आय 6.4 प्रतिशत घटकर 31,546 करोड़ रुपये रह गई।

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में नये कुओं से गैस की हिस्सेदारी कंपनी की कुल आय का करीब 18 प्रतिशत रही। इस अवधि में नये कुओं से गैस से 5,028 करोड़ रुपये की आय हुई जो प्रशासित मूल्य प्रणाली की तुलना में 944 करोड़ रुपये अधिक है।

तीसरी तिमाही में कच्चे तेल का उत्पादन लगभग स्थिर रहकर 45.92 लाख टन रहा, जबकि एक साल पहले यह 46.53 लाख टन था। नौ महीनों में उत्पादन मामूली बढ़कर 1.39 करोड़ टन हो गया।

प्राकृतिक गैस उत्पादन भी मामूली बढ़कर तीसरी तिमाही में करीब 500 करोड़ घन मीटर और नौ महीनों में 1,475 करोड़ घन मीटर रहा।

टोंगांवकर ने बताया कि निदेशक मंडल ने 125 प्रतिशत (प्रति शेयर 6.25 रुपये) का दूसरा अंतरिम लाभांश मंजूर किया है जिस पर कुल 7,863 करोड़ रुपये का भुगतान होगा। यह नवंबर 2025 में घोषित प्रति शेयर छह रुपये के पहले अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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