न्यूयॉर्क, दो मार्च (एपी) ईरान पर बड़े सैन्य हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर किए जा रहे जवाबी हमलों के बीच तेल उत्पादक समूह ‘ओपेक प्लस’ के आठ सदस्य देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की है।
इस सैन्य संघर्ष से उपजे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) की रविवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि अप्रैल में कच्चे तेल के उत्पादन में प्रतिदिन 2,06,000 बैरल की बढ़ोतरी की जाएगी। यह फैसला विश्लेषकों के अनुमान से अधिक है।
उत्पादन बढ़ाने का फैसला करने वाले देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में जारी हमलों, खासकर फारस की खाड़ी के संकरे प्रवेश मार्ग होर्मुज जलडमरुमध्य से गुजर रहे दो जहाजों पर हमले के कारण तेल निर्यात प्रभावित हो सकता है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और तेजी आ सकती है।
ऊर्जा अनुसंधान कंपनी रिस्टैड एनर्जी ने कहा कि प्रतिदिन लगभग 1.5 करोड़ बैरल यानी वैश्विक आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। यह तेल आपूर्ति का दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण ‘चोकपॉइंट’ (रणनीतिक संकरा मार्ग) माना जाता है।
इस जलडमरुमध्य के उत्तर में ईरान है और इसी रास्ते से सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, यूएई और ईरान का तेल एवं गैस निर्यात होता है।
रिस्टैड एनर्जी के विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत में 20 डॉलर प्रति बैरल तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 72.87 डॉलर प्रति बैरल के सात महीने के उच्च स्तर पर बंद हुआ था।
एपी प्रेम
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