यात्रा से पहले टिप देने का विकल्प भ्रामक, कैब एग्रीगेटरों को इसे बंद करने के निर्देशः सचिव

यात्रा से पहले टिप देने का विकल्प भ्रामक, कैब एग्रीगेटरों को इसे बंद करने के निर्देशः सचिव

यात्रा से पहले टिप देने का विकल्प भ्रामक, कैब एग्रीगेटरों को इसे बंद करने के निर्देशः सचिव
Modified Date: September 16, 2026 / 04:38 pm IST
Published Date: September 16, 2026 4:38 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) सरकार ने यात्रा बुक करने से पहले ही टिप देने के विकल्प को भ्रामक और अनुचित व्यापार व्यवहार करार देते हुए कैब एग्रीगेटर कंपनियों को ऐसी व्यवस्था बंद करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने अनुचित व्यापार गतिविधियों के लिए कैब एवं बाइक टैक्सी सेवा मंच रैपिडो पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इनमें यात्रा शुरू होने से पहले चालक को टिप देने का विकल्प भी शामिल था।

खरे ने कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को कैब एग्रीगेटरों के खिलाफ बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की मुख्य शिकायत यह थी कि यात्रा शुरू होने से पहले ही उन्हें टिप देने का विकल्प दिया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं पर यह दबाव भी बनाया जा रहा था कि अगर वे टिप नहीं देंगे तो उन्हें यात्रा नहीं मिलेगी।

सीसीपीए प्रमुख की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहीं खरे ने कहा, ‘‘हमने इसे भ्रामक और अनुचित व्यापार व्यवहार पाया। मामले की विस्तृत जांच और सुनवाई के बाद हमने इस तरह की व्यवस्था को बंद करने का आदेश दिया है।’’

उन्होंने कहा कि टिप देना पूरी तरह स्वैच्छिक है और यात्रा पूरी होने के बाद उपभोक्ता को यह फैसला करने का विकल्प दिया जाना चाहिए कि वह टिप देना चाहता है या नहीं।

खरे ने कहा कि प्राधिकरण प्रमुख कैब सेवा प्रदाताओं उबर और ओला की कारोबारी गतिविधियों की भी जांच कर रहा है।

रैपिडो के खिलाफ कार्रवाई भारत में काम कर रहे कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर मंचों की व्यापक जांच के आधार पर की गई है। इस जांच में यात्रा से पहले टिप देने और गतिशील मूल्य निर्धारण से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की जा रही है।

भाषा

यासिर प्रेम

प्रेम


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