संसदीय समिति ने 2025-26 में गैसीकरण योजना पर खर्च में देरी पर जताई चिंता
संसदीय समिति ने 2025-26 में गैसीकरण योजना पर खर्च में देरी पर जताई चिंता
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण को बढ़ावा देने की योजना के तहत खर्च में देरी पर चिंता जताई है। समिति ने कहा कि 285 करोड़ रुपये के संशोधित आवंटन के बावजूद 2025-26 के अधिकांश समय में खर्च ‘शून्य’ रहा है।
इसके साथ ही समिति ने तिमाही लक्ष्यों की समीक्षा के लिए एक समयबद्ध व्यय ढांचा तैयार करने का सुझाव दिया है।
कोयला, खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति का विचार था कि योजना का परिव्यय बजट अनुमान (बीई) 2025-26 के 300 करोड़ रुपये से घटाकर संशोधित अनुमान (आरई) में 285 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इसके बावजूद इसमें कोई खर्च नहीं हुआ और यहां तक कि एक मात्र पात्र परियोजना भी प्रतिपूर्ति औपचारिकताओं के लिए लंबित है।
समिति ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष के ज्यादातर समय में कोई व्यय नहीं किया गया, जबकि एक मात्र पात्र परियोजना भी प्रतिपूर्ति औपचारिकताओं का इंतजार कर रही है।’’
समिति ने पाया कि 2025-26 में 285 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले, 2026-27 के लिए बजट अनुमान काफी अधिक बढ़ाकर 3,525 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इसलिए, समिति ने सिफारिश की कि कोयला मंत्रालय एक समयबद्ध व्यय ढांचा अपनाए, जिसकी तिमाही आधार पर समीक्षा हो।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

Facebook


