एटीएफ कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी से यात्रियों को किराए में तेज बढ़ोतरी से राहत मिलेगी:नायडू
एटीएफ कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी से यात्रियों को किराए में तेज बढ़ोतरी से राहत मिलेगी:नायडू
नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय मंत्री के. राममोहन नायडू ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के घरेलू विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन की कीमतों में आंशिक एवं चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू करने का फैसला यात्रियों को हवाई किराए में तेज वृद्धि से बचाने में मदद करेगा।
एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) यानी विमान ईंधन की विमानन कंपनियों की कुल परिचालन लागत में हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रहती है।
नायडू ने कहा कि 2001 से विमानन ईंधन की कीमतें नियंत्रण मुक्त हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानक कीमतों के अनुरूप तय किया जाता है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण एक अप्रैल से एटीएफ कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की आशंका थी।
मंत्री ने कहा, ‘‘ इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने नागर विमानन मंत्रालय के साथ परामर्श कर घरेलू विमानन कंपनियों के लिए केवल 25 प्रतिशत (15 रुपये प्रति लीटर) की आंशिक एवं चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू करने का फैसला किया है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि विदेशी मार्गों पर बाजार के अनुरूप पूरी कीमत लागू हो।’’
उन्होंने कहा कि यह संतुलित कदम यात्रियों को किराए में तेज बढ़ोतरी से बचाने, घरेलू विमानन कंपनियों पर बोझ कम करने और इस महत्वपूर्ण समय में विमानन क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।
नायडू ने एटीएफ मूल्य निर्धारण पर समय पर हस्तक्षेप के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार भी व्यक्त किया।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पहले ही बढ़ गई है। क्षेत्र में कई हवाई मार्गों पर प्रतिबंध से भारतीय विमानों को कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही है जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा

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