यात्री वाहनों की बिक्री ने जून में पकड़ी रफ्तार, चार लाख इकाई से अधिक रहने का अनुमान

यात्री वाहनों की बिक्री ने जून में पकड़ी रफ्तार, चार लाख इकाई से अधिक रहने का अनुमान

यात्री वाहनों की बिक्री ने जून में पकड़ी रफ्तार,  चार लाख इकाई से अधिक रहने का अनुमान
Modified Date: July 1, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: July 1, 2026 6:57 pm IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) देश में यात्री वाहनों की बिक्री जून में तेज रही है। इस दौरान घरेलू बाजारों में बिक्री लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर चार लाख इकाई रहने का अनुमान है। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स पीवी और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन से बिक्री बढ़ी है।

यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वाहनों और ईंधन की कीमतों पर असर पड़ने और कमजोर मानसून के कारण भविष्य में मांग प्रभावित होने को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन और बिक्री) पार्थो बनर्जी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जीएसटी सुधार, 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर में राहत और भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो रेट में कमी करने जैसे कदम घरेलू बाजार में मांग को बढ़ावा दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस साल जून में कुल बिक्री चार लाख रहने का अनुमान है। इसमें 2,000 से 3,000 इकाइयों की घट-बढ़ हो सकती है। बीते साल जून में यह आंकड़ा करीब 3.22 लाख यूनिट था।

उद्योग की वृद्धि को बढ़ावा देने वाले कारकों के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा, ‘‘माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में सुधार, 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर से छूट और रेपो रेट में कटौती – ये तीनों सकारात्मक कारक अब भी मौजूद हैं।’’

हालांकि, उन्होंने कहा, ‘‘जाहिर है, कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इसमें ईरान युद्ध और इसके कारण गाड़ियों की कीमतों पर पड़ने वाला असर तथा अब कम मनसून की स्थिति शामिल हैं। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा।’’

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का मांग पर असर के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से, इसका असर पड़ता है क्योंकि आखिरकार गाड़ी रखने की कुल लागत प्रभावित होती है। छोटी कारों पर इसका असर ज्यादा होता है।’’

हालांकि, उन्होंने कहा कि पेट्रोल की तुलना में सीएनजी की लागत काफी कम होने के कारण, जब पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई गईं तो कंपनी ने बाजार में अपने सीएनजी संस्करणों की आपूर्ति बढ़ा दी।

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, कंपनी ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा 2,18,213 सीएनजी वाहनों की बिक्री दर्ज की।

मारुति सुजुकी इंडिया की यात्री वाहनों की बिक्री पिछले महीने 23.8 प्रतिशत बढ़कर 1,47,187 इकाई रही। यह जून महीने में अब तक की सबसे अधिक बिक्री है। कंपनी ने पिछले साल जून में 1,18,906 वाहन बेचे थे।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लि. (टीएमपीवी) की बिक्री पिछले महीने 67 प्रतिशत बढ़कर 62,076 इकाई रही, जबकि पिछले साल इसी माह में यह संख्या 37,083 इकाई थी।

घरेलू कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा की पिछले महीने घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री 28 प्रतिशत बढ़कर 60,393 इकाई रही, जबकि पिछले साल जून में यह संख्या 47,306 इकाई थी।

वहीं, हुंदै मोटर इंडिया लि. की घरेलू बिक्री 39,635 इकाई रही। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने बताया कि कंपनी की विनिर्माण इकाई में आग लगने की घटना के कारण 13,900 गाड़ियों के विनिर्माण का नुकसान हुआ। इससे उत्पादन कुछ समय के लिए बाधित हुआ।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) की जून में घरेलू बिक्री आठ प्रतिशत बढ़कर 28,441 इकाई रही। पिछले साल इसी महीने में 26,453 वाहन बिके थे।

टीकेएम के कार्यकारी उपाध्यक्ष सबरी मनोहर ने कहा, ‘‘हम जून महीने में बिक्री के अच्छे प्रदर्शन से उत्साहित हैं। यह बाजार में लगातार बनी तेजी और ग्राहकों पर खास ध्यान देने की वजह से संभव हुआ है।’’

आंकड़ों के अनुसार, किआ इंडिया ने अपनी शुरुआत के बाद से जून महीने में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की। कंपनी की थोक बिक्री 19 प्रतिशत बढ़कर 24,552 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 20,625 इकाई थी।

जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया की जून में थोक बिक्री सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़कर 7,568 इकाई रही। यह कंपनी की अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री है। बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की अहम भूमिका रही और कुल बिक्री में इनका योगदान 75 प्रतिशत से अधिक रहा।

कंपनी ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतें, ईवी चलाने की कम लागत और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण इलेक्ट्रिक वाहन के प्रति ग्राहकों की पसंद और बढ़ी है।

निसान मोटर इंडिया प्राइवेट लि. की घरेलू थोक बिक्री सालाना आधार पर 129 प्रतिशत बढ़कर 3,006 इकाई रही। यह लगातार चौथा महीना है जब घरेलू बिक्री बढ़ी है।

भाषा रमण अजय

अजय


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