Delhi Winter Pollution Master Plan: इन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, घर से काम करेंगे 50 प्रतिशत कर्मचारी, यहां की भाजपा सरकार ने लिया बड़ा फैसला

इन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, घर से काम करेंगे 50 प्रतिशत कर्मचारी, Delhi Winter Pollution Master Plan: Ban on petrol and diesel

Delhi Winter Pollution Master Plan: इन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, घर से काम करेंगे 50 प्रतिशत कर्मचारी, यहां की भाजपा सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Delhi Winter Pollution Master. Image Source- IBC24

Modified Date: July 1, 2026 / 06:03 pm IST
Published Date: July 1, 2026 5:57 pm IST

नई दिल्ली। Delhi Winter Pollution Master Plan देश की राजधानी दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान बिगड़ती हवा की गुणवत्ता से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने पहली बार स्थायी ‘विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान’ लागू किया है। नई अधिसूचना के तहत अब हर वर्ष 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण नियंत्रण के विशेष नियम स्वत: प्रभावी रहेंगे। इससे अलग-अलग समय पर नए आदेश जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी संबंधित विभाग पहले से तय रणनीति के अनुसार काम करेंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब तक सर्दियों में प्रदूषण रोकने के लिए अलग-अलग विभागों की ओर से कई तरह के निर्देश जारी किए जाते थे। नई व्यवस्था में इन सभी प्रावधानों को एकीकृत कर स्पष्ट और कड़ाई से लागू होने वाला ढांचा तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वाहनों के धुएं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, खुले में कचरा जलाने और अन्य प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। सरकार के विश्लेषण के अनुसार नवंबर से फरवरी के बीच ही दिल्ली की हवा सबसे अधिक खराब रहती है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों में इस अवधि के दौरान औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि कई दिनों में यह गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया। इसी कारण सर्दियों के लिए विशेष प्रबंधन व्यवस्था को स्थायी रूप दिया गया है। अधिसूचना में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के संशोधित GRAP प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को भी शामिल किया गया है।

जानिए क्या होगी नई व्यवस्था? (Delhi Winter Pollution Master Plan)

नई व्यवस्था के तहत अब दिल्ली में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। इसके अलावा प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में निर्माण और तोड़फोड़ संबंधी कार्यों पर रोक लगाई जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू करने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने तथा निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क दोगुना करने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि स्थायी मास्टर प्लान लागू होने से विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और सर्दियों के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के उपाय समय रहते लागू किए जा सकेंगे, जिससे राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

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लेखक के बारे में

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