बिजनेस: Petrol Diesel Price Today 18 September 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है लेकिन ब्रेंट क्रूड अब भी 10 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। आज 18 सितंबर 2026 की सुबह 6 बजे के आसपास ब्रेंड क्रूड 1.05 डॉलर की गिरावट के साथ 103.77 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के कीमतों (Petrol Diesel Price Today) में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। तेल कंपनियों ने रोजाना की तरह आज सुबह 6 बजे नए रेट जारी कर दिए हैं। देश में मई के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं।
आज 18 सितंबर को आंध्र प्रदेश के चित्तूर में पेट्रोल सबसे महंगा 118.34 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। यहां डीजल की कीमत 106.06 रुपये प्रति लीटर है। दूसरी ओर, अंडमान और निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल सबसे सस्ता 88.66 रुपये लीटर है, जबकि डीजल 84.56 रुपये लीटर बिक रहा है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। इस तरह चित्तूर में दिल्ली के मुकाबले पेट्रोल 16.22 रुपये और डीजल 10.86 रुपये महंगा है। जबकि पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल (Petrol Price Today) 13.46 रुपये प्रति लीटर और डीजल (Diesel Price Today) 10.64 रुपये प्रति लीटर कम दाम में मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली। सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच आगे की कूटनीतिक गतिविधियों पर बाजार की नजर रहने से तेल की कीमतों पर दबाव बना। सऊदी अरब क्षतिग्रस्त ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को लाल सागर तट तक दोबारा शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उसका लक्ष्य कुछ दिनों में पाइपलाइन की करीब आधी क्षमता बहाल करना है। इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता थोड़ी कम हुई है। वहीं, कुछ तेल टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भी गुजर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel Price Today) की लागत का एक अहम हिस्सा है, लेकिन पंप पर मिलने वाला अंतिम भाव सिर्फ क्रूड के दाम से तय नहीं होता। इसमें रिफाइनिंग, परिवहन और वितरण लागत के अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, वैट, एक्साइज ड्यूटी तथा अन्य शुल्क शामिल होते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। इसलिए कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर ईंधन के दाम तुरंत उसी अनुपात में कम होना जरूरी नहीं होता है।