ठाणे, 18 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि कृषि उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, उद्यमियों को सशक्त बनाने और ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पासवान ने महाराष्ट्र में ठाणे जिले के जिलाधिकारी कार्यालय में बृहस्पतिवार को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की वैश्विक पहचान केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि विश्व स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली ब्रांडिंग और मूल्यवर्धन तक इसका विस्तार होना चाहिए।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के ‘सेवा संकल्प अभियान’ और उसकी ‘सेवा दिवस’ पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में संयुक्त सचिव प्रीत पाल सिंह और ठाणे के जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पासवान ने पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि सकल मूल्य वर्धन 2014-15 के 1.34 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 2.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है तथा भारत के कुल कृषि एवं खाद्य निर्यात में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी बढ़कर 20.4 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने और ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत 1,256 परियोजनाएं शुरू की गई हैं जिनसे 294 लाख मीट्रिक टन की प्रसंस्करण क्षमता विकसित हुई है, रोजगार के 9.16 लाख अवसर पैदा हुए हैं और 24,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत दो लाख से अधिक सूक्ष्म उद्यमों के लिए ऋण मंजूर किए गए हैं। इसके साथ ही चार लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह सदस्यों को शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई गई है।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना को लागू करने में महाराष्ट्र देश में शीर्ष पर रहा है।
महाराष्ट्र में 32,168 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और 48,195 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जो देश में सर्वाधिक है। इसके अलावा 61,323 महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों को 221.55 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी वितरित की गई है।
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सिम्मी रंजन
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