पीएफआरडीए ने बैंकों को एनपीएस प्रबंधन के लिए पेंशन कोष बनाने की मंजूरी दी

पीएफआरडीए ने बैंकों को एनपीएस प्रबंधन के लिए पेंशन कोष बनाने की मंजूरी दी

पीएफआरडीए ने बैंकों को एनपीएस प्रबंधन के लिए पेंशन कोष बनाने की मंजूरी दी
Modified Date: January 1, 2026 / 08:08 pm IST
Published Date: January 1, 2026 8:08 pm IST

नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) पेंशन नियामक पीएफआरडीए ने बृहस्पतिवार को बैंकों को प्रमुख पेंशन योजना एनपीएस के लिए पेंशन कोष स्थापित करने की अनुमति दे दी। यह कदम प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और ग्राहक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मौजूदा नियमों के तहत बैंकों की पेंशन कोष के प्रायोजन में भागीदारी सीमित है।

पेंशन कोष वह मध्यस्थ होता है जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के सदस्य से योगदान प्राप्त करता है, उसका संचय करता है और नियमों के अनुरूप भुगतान करता है।

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पीएफआरडीए ने एक बयान में कहा, ‘निदेशक मंडल ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को स्वतंत्र रूप से पेंशन कोष स्थापित करने की रूपरेखा को सैद्धांतिक मंजूरी दी है ताकि पेंशन परिवेश मजबूत हो, प्रतिस्पर्धा बढ़े एवं ग्राहकों के हित सुरक्षित हों।”

बयान के मुताबिक, नई रूपरेखा में बैंकों के लिए शुद्ध संपत्ति, बाजार पूंजीकरण और वित्तीय सुदृढ़ता एवं सुरक्षित प्रबंधन जैसे स्पष्ट पात्रता मानदंड शामिल हैं ताकि केवल मजबूत वित्तीय स्थिति वाले और प्रणालीगत दृष्टि से सक्षम बैंक ही पेंशन कोष प्रायोजित कर सकें।

पीएफआरडीए ने कहा कि पात्रता मानदंड की विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी और यह नए एवं मौजूदा पेंशन कोष दोनों पर लागू होगी। फिलहाल पेंशन नियामक के पास 10 पेंशन कोष पंजीकृत हैं।

इसके अलावा, पीएफआरडीए ने एक अप्रैल, 2026 से पेंशन कोष के निवेश प्रबंधन शुल्क (आईएमएफ) संरचना को भी संशोधित किया है। नई स्लैब-आधारित संरचना में सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए अलग-अलग दरें होंगी और यह विविध योजना प्रारूप (एमएसएफ) के तहत आने वाली योजनाओं पर भी लागू होगी। हालांकि, 0.015 प्रतिशत वार्षिक नियामकीय शुल्क पहले की तरह जारी रहेगा।

नियामक ने कहा कि इन सुधारों से ग्राहक एवं हितधारकों को अधिक प्रतिस्पर्धी और मजबूत एनपीएस परिवेश तक पहुंच मिलेगी, जिससे दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति परिणाम और वृद्धावस्था आय सुरक्षा में सुधार होगा।

इसके साथ ही, पीएफआरडीए ने एनपीएस ट्रस्ट के निदेशक मंडल में तीन नए ट्रस्टी नियुक्त किए हैं। इनमें एसबीआई के पूर्व चेयरमैन दिनेश कुमार खारा, यूटीआई एएमसी की पूर्व कार्यकारी उपाध्यक्ष स्वाति अनिल कुलकर्णी और डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के प्रमुख अरविंद गुप्ता शामिल हैं।

इसके साथ खारा को एनपीएस ट्रस्ट के निदेशक मंडल का चेयरपर्सन भी नियुक्त किया गया है।

फिलहाल नौ करोड़ से अधिक लोग एनपीएस के सदस्य हैं और 31 अगस्त तक यह 15.5 लाख करोड़ रुपये का प्रबंधन कर रहा था।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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