आजादपुर मंडी में भीड़ कम करने के लिए टिकरी में थोक फल, सब्जी बाजार बनाने की योजना
आजादपुर मंडी में भीड़ कम करने के लिए टिकरी में थोक फल, सब्जी बाजार बनाने की योजना
नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तौर पर उत्तर पश्चिमी दिल्ली के टिकरी खामपुर में 70 एकड़ जमीन पर आधुनिक सुविधाओं के साथ फलों और सब्जियों के लिए थोक बाजार बनाने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि एक बार चालू होने के बाद, यह आजादपुर में एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी में भीड़ कम करने में मदद करेगा। दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड (डीएएमबी) ने इस परियोजना के लिए एक परामर्शदाता की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निविदा दस्तावेज में कहा गया है कि डीएएमबी द्वारा सेवा पर लिया गया परामर्शदाता, परियोजना की अवधारणा से जुड़ी पूरी सेवा देगा। इसमें बाजार विश्लेषण, जगह की मांग, व्यापार पद्धति, वित्तीय पहलू, राजस्व सृजन और निवेश बनाम लाभ पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि परियोजना का मॉडल ऐसा होगा कि दिल्ली सरकार या डीएएमबी पर कोई वित्तीय देनदारी नहीं आएगी और पूरी योजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी प्रारूप पर पूरी की जाएगी। डीएएमबी को खेती के सामान के विपणन को विनियमित करने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खेती के सामान के बाजार बनाने और दूसरे जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है।
कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) द्वारा चलाई जाने वाली आजादपुर फल और सब्जी बाजार उत्तरी पश्चिमी दिल्ली में 76 एकड़ जमीन पर है।
समय बीतने और आबादी बढ़ने के साथ आजादपुर मंडी में व्यापार गतिविधियां कई गुना बढ़ गई है। बहुत ज्यादा लोगों के आने और अलग-अलग उत्तरी राज्यों से फल और सब्जियां लाने वाली बड़ी संख्या में मालवाहक गाड़ियों के आने की वजह से, बाजार में बहुत ज्यादा भीड़ हो गई है।
इस स्थिति से निपटने और आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ बेहतर विपणन ढांचा देने के लिए, डीएएमबी ने प्रस्तावित थोक फल और सब्जी बाजार के लिए जीटी करनाल रोड पर टिकरी खामपुर में लगभग 70.62 एकड़ जमीन खरीदी है।
थोकबिक्री बाजार का विकास दिल्ली सरकार का एक लंबे समय से लंबित परियोजना थी, जिसमें कई साल की देरी हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में नई सरकार के आने के बाद इस परियोजना को फिर से शुरू किया गया है और एक परामर्शदाता की सेवा लेने की बात कही गई है ताकि यह सुविधा आखिरकार शुरू हो सके।
भाषा राजेश राजेश रमण
रमण


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