प्रधानमंत्री ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ का उद्घाटन किया, स्टार्टअप के साथ की बातचीत
प्रधानमंत्री ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ का उद्घाटन किया, स्टार्टअप के साथ की बातचीत
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़ी गतिविधियों पर केंद्रित प्रदर्शनी ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ का उद्घाटन किया।
इसमें 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप भाग ले रहे हैं। साथ ही 13 देशों के मंडप भी स्थापित किए गए हैं, जो एआई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रदर्शनी का उद्घटान करने के बाद इसमें हिस्सा ले रही स्टार्टअप कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। वह विभिन्न स्टॉल गये और प्रदर्शनी में शामिल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों से उनके द्वारा प्रदर्शित उत्पादों के बारे में सवाल पूछे। प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए विभिन्न स्टॉल पर कई मिनट बिताए।
यह एक्सपो देश में उभरती एआई परिवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
इस प्रदर्शनी में वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान एवं शोध संगठन, केंद्र एवं राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय साझेदार एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं।
लगभग 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली यह प्रदर्शनी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, अकादमिक और अनुसंधान संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक साथ लाती है।
प्रदर्शनी में 13 देशों के मंडप भी हैं, जो कृत्रिम मेधा (एआई) परिवेश में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करते हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के मंडप शामिल हैं।
प्रदर्शनी में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप शामिल होंगे, जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और आम लोगों के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप ऐसे कार्यशील समाधानों का प्रदर्शन करेंगे जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में लागू हैं।
इस आयोजन को एआई के क्षेत्र में नवाचार, निवेश और सहयोग के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
भाषा रमण अजय
अजय

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