बजाज समूह के 100 वर्ष पूरे, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र निर्माण के प्रयासों की सराहना की

बजाज समूह के 100 वर्ष पूरे, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र निर्माण के प्रयासों की सराहना की

बजाज समूह के 100 वर्ष पूरे, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र निर्माण के प्रयासों की सराहना की
Modified Date: May 11, 2026 / 09:15 pm IST
Published Date: May 11, 2026 9:15 pm IST

मुंबई, 11 मई (भाषा) वाहन और वित्तीय सेवा क्षेत्र में सक्रिय बजाज समूह के सोमवार को 100 वर्ष पूरे हो गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दशकों से समूह द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और कहा कि इसने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बधाई संदेश में कहा, ”दशकों से बजाज समूह ने रोजगार पैदा करने, नवाचार को बढ़ावा देने और सामुदायिक विकास का समर्थन करके राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।”

उन्होंने कहा कि 100 साल किसी भी संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण यात्रा है, जो न केवल लंबी अवधि तक टिके रहने, बल्कि समय के साथ खुद को ढालने की क्षमता को भी दर्शाती है।

इस अवसर पर सोमवार को मध्य मुंबई में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजनीति और व्यापार जगत की कई हस्तियों ने शिरकत की।

जमनालाल बजाज ने 1926 में मुंबई में इस समूह की स्थापना की थी और आज इसका बाजार पूंजीकरण 148 अरब डॉलर है और इसमें 1.3 लाख लोग काम करते हैं। संस्थापक जमनालाल बजाज स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय रूप से शामिल थे और उन्हें महात्मा गांधी का बेहद करीबी माना जाता था।

घरेलू विनिर्माण पर जोर देते हुए बजाज ऑटो के चेयरमैन नीरज बजाज ने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा हाल ही में शुरू नहीं हुई है, बल्कि जमनालाल जैसे अग्रदूतों के कारण एक सदी पहले ही शुरू हो गई थी।

दिवंगत राहुल बजाज के पुत्र राजीव बजाज ने कहा, ”हम जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमें हमेशा एक समानता होनी चाहिए। शायद इसीलिए बजाज की यात्रा केवल विकास की कहानी नहीं बनी, बल्कि यह विश्वास की कहानी बन गई।”

इस अवसर पर बजाज परिवार ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उतरने की अपनी योजना भी सार्वजनिक की। इसकी कमान नीरज बजाज के पुत्र नीरव बजाज संभालेंगे, जो व्यवसाय चलाने वाली परिवार की पांचवीं पीढ़ी का हिस्सा हैं।

बजाज इंटीग्रेटेड हेल्थ सिस्टम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीरव बजाज ने कहा, ”हमारा मानना है कि समाज को लाभ से ही लाभ होना चाहिए, ताकि विकास गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचे।”

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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