पीएनबी को चालू वित्त वर्ष में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के शुद्ध लाभ की उम्मीद
पीएनबी को चालू वित्त वर्ष में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के शुद्ध लाभ की उम्मीद
नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अशोक चंद्र ने कहा है कि बैंक को पिछली लगातार चार तिमाहियों के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बल पर चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ हासिल होने की उम्मीद है।
पीएनबी ने पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 16,904 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
चंद्र ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही से बैंक प्रत्येक तिमाही में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी यही रुझान बना हुआ है। मुझे उम्मीद और पूरा भरोसा है कि लाभप्रदता वृद्धि के मौजूदा रुझान के साथ हम प्रत्येक तिमाही में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ अर्जित करेंगे और हर तिमाही नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा गति को देखते हुए बैंक वित्त वर्ष 2026-27 में 20,000 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ का आंकड़ा पार कर सकता है, चंद्र ने कहा, ‘‘यदि मैं कह रहा हूं कि हर तिमाही 5,000 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ होगा, तो यह उसी आंकड़े की ओर इशारा करता है, जिसका आप उल्लेख कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक प्रत्येक तिमाही में बड़े पैमाने पर ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने के कार्यक्रम चला रहा है।
इसके अलावा खुदरा, कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) तथा स्वयं सहायता समूह बैंक की परिसंपत्ति सृजन रणनीति के प्रमुख क्षेत्र होंगे।
चंद्र ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में बैंक के ऋण वितरण में 12-13 प्रतिशत और जमा में नौ-10 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा हाल ही में अधिग्रहण वित्तपोषण की अनुमति दिए जाने के बाद बैंक चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से इस क्षेत्र में उतरेगा।
इस वर्ष की शुरुआत में आरबीआई ने बैंकों के लिए अधिग्रहण वित्तपोषण संबंधी अंतिम दिशानिर्देश जारी किए थे, जिनमें ऋण सीमा को दिशानिर्देशों के मसौदे में प्रस्तावित सौदे के मूल्य के 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत तक कर दिया गया है।
चंद्र ने कहा, ‘‘अधिग्रहण वित्तपोषण का बाजार बहुत बड़ा है और इसमें पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। निदेशक मंडल की पिछली बैठक में इस संबंध में हमारी नीति को मंजूरी मिल चुकी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक अच्छे भागीदार की तलाश कर रहे हैं और संभवतः तीसरी तिमाही से अधिग्रहण वित्तपोषण के क्षेत्र में काम शुरू कर देंगे।’’
उन्होंने बताया कि शुरुआत में बैंक घरेलू कंपनियों के साथ अधिग्रहण वित्तपोषण शुरू करेगा। इससे बैंक को अपनी परिसंपत्ति पोर्टफोलियो में विविधता लाने में मदद मिलेगी।
भाषा योगेश अजय
अजय

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