लाभ बढ़ाने के लिए खुदरा, कृषि ऋण और जमा पर ध्यान देगा पीएनबी
लाभ बढ़ाने के लिए खुदरा, कृषि ऋण और जमा पर ध्यान देगा पीएनबी
नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) पंजाब नेशनल बैंक खुदरा, कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) ऋण के साथ-साथ चालू खाता एवं बचत खाता (कासा) जमा बढ़ाने पर अपना ध्यान देता रहेगा। बैंक का मानना है कि इन रणनीतिक क्षेत्रों पर ध्यान देने से कारोबार वृद्धि और लाभप्रदता को और मजबूती मिलेगी।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अशोक चंद्र ने हाल में जारी बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों के नाम संदेश में कहा कि मजबूत बही-खाता और पर्याप्त पूंजी के दम पर बैंकिंग क्षेत्र ऋण विस्तार को गति देने तथा बाजार की बदलती वित्तीय जरूरतों को सहजता से पूरा करने की स्थिति में है।
उन्होंने कहा, ‘‘ बैंक खुदरा, कृषि और एमएसएमई (आरएएम) ऋण, कासा जमा, डिजिटलीकरण, ग्राहक सेवा और मानव संसाधन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर भी लगातार ध्यान केंद्रित करेगा।’’
बैंक का खुदरा, कृषि और एमएसएमई ऋण 31 मार्च, 2026 तक 12 प्रतिशत बढ़कर 6.76 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 6.03 लाख करोड़ रुपये था। मार्च, 2026 के अंत तक बैंक के घरेलू ऋण में आरएएम खंड की हिस्सेदारी 56.6 प्रतिशत रही।
कम लागत वाली जमा के मोर्चे पर 31 मार्च, 2026 तक पीएनबी की घरेलू कासा हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही।
बैंक के चालू खाते में जमा राशि 79,294 करोड़ रुपये, जबकि बचत खाते में जमा राशि 5.30 लाख करोड़ रुपये रही।
चंद्र ने कहा, ‘‘ बैंक अपने नेटवर्क का विस्तार जारी रखेगा। ग्राहकों को अधिक सुविधा उपलब्ध कराना हमारा प्रयास रहेगा। बैंकिंग क्षेत्र की अग्रणी संस्था होने के नाते बैंक वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में भारत की यात्रा में योगदान देगा।’’
देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक की 10,324 शाखाएं हैं।
उन्होंने कहा कि इन रणनीतिक प्राथमिकताओं के अलावा बैंक अपने सभी कार्यों में नैतिकता और ईमानदारी के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चंद्र ने कहा कि पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन (ईएसजी) सिद्धांतों को बैंक की मुख्य कारोबारी रणनीतियों में शामिल करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि सभी हितधारकों के लिए जिम्मेदारी के साथ वृद्धि और टिकाऊ मूल्य सृजन सुनिश्चित किया जा सके।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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