कोलकाता, 23 सितंबर (भाषा) एडलवाइस एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) को उम्मीद है कि मौजूदा स्तर पर मध्यम अवधि में भारतीय सरकारी बांड (आईजीबी) के लिए मांग बढ़ेगी और बाजार स्थितियां अनुकूल रहेंगी।
म्यूचुअल फंड कंपनी ने एक शोध टिप्पणी में कहा कि जेपी मॉर्गन वैश्विक बांड सूचकांक – उभरते बाजार (जीबीआई-ईएम) में आईजीबी को शामिल करने से इन बांडों में लिवाली बढ़ेगी।
इसमें कहा गया कि आईजीबी में अपेक्षाकृत अधिक प्रतिफल और बेहतर द्वितीयक बाजार नकदी के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का रुझान इसकी ओर बढ़ने की उम्मीद है।
टिप्पणी के अनुसार बांड बाजार का अनुमान है कि जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही से विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करेंगे।
एडलवाइस एएमसी ने 10 से 14 साल के पूर्णतः सुगम्य मार्ग (एफएआर) योग्य आईजीबी की सिफारिश की।
भाषा पाण्डेय
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