बिजली की खपत जुलाई में 3.5 प्रतिशत बढ़कर 145.40 अरब यूनिट पर

बिजली की खपत जुलाई में 3.5 प्रतिशत बढ़कर 145.40 अरब यूनिट पर

बिजली की खपत जुलाई में 3.5 प्रतिशत बढ़कर 145.40 अरब यूनिट पर
Modified Date: August 1, 2024 / 03:50 pm IST
Published Date: August 1, 2024 3:50 pm IST

नयी दिल्ली, एक अगस्त (भाषा) जुलाई में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद देश में बिजली की खपत पर असर पड़ा है और यह सालाना आधार पर सिर्फ 3.5 प्रतिशत बढ़कर 145.40 अरब यूनिट रही है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई, 2023 में देश की बिजली खपत 140.41 अरब यूनिट रही थी।

एक दिन में बिजली की सर्वाधिक मांग पिछले महीने बढ़कर 226.63 गीगावाट हो गई जबकि एक साल पहले समान महीने में यह 208.95 गीगावाट थी।

एक दिन में बिजली की सर्वाधिक मांग ने इस साल मई में रिकॉर्ड बनाया था। भीषण गर्मी के दौर में एक दिन की सर्वाधिक बिजली मांग 250.20 गीगावाट रही थी। पिछला रिकॉर्ड सितंबर, 2023 में 243.27 गीगावाट का था।

इस साल की शुरुआत में बिजली मंत्रालय ने मई में दिन के समय 235 गीगावाट और शाम के समय 225 गीगावाट की बिजली मांग रहने का अनुमान जताया था। वहीं जून, 2024 के लिए यह अनुमान दिन के समय 240 गीगावाट और शाम के समय 235 गीगावाट का था।

इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा था कि इस साल गर्मियों में अधिकतम बिजली की मांग 260 गीगावाट तक पहुंच सकती है।

हालांकि, देश में मानसून की शुरुआत के साथ, उपभोक्ताओं को चिलचिलाती गर्मी और उमस से राहत मिली। इससे एयर कंडीशनर और बड़े कूलर जैसे उपकरणों के इस्तेमाल की कम जरूरत पड़ी। इससे देश में बिजली की खपत में कमी आई

हालांकि, विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून के समय अधिक नमी होने से एयर कंडीशनर का इस्तेमाल जरूरी हो जाता है लिहाजा आने वाले दिनों में बिजली की मांग और खपत स्थिर रहेगी।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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