PPF Contribution: PPF में पैसा डालना भूलना पड़ सकता है महंगा! अगर आप चाहते हैं ज्यादा रिटर्न, तो यह तरीका जानकर हैरान रह जाएंगे!
PPF Contribution: PPF एक सुरक्षित और टैक्स-फ्री निवेश है। लेकिन इसमें हर साल कम से कम 500 रुपये जमा करना जरूरी है। अगर यह योगदान न किया जाए तो अकाउंट इनएक्टिव हो सकता है। जानिए इस समस्या से बचने और ज्यादा रिटर्न पाने का सही तरीका।
(PPF Contribution/ Image Credit: Screengrab)
- PPF में हर फाइनेंशियल ईयर में कम से कम ₹500 जमा करना जरूरी है।
- समय पर योगदान से कंपाउंडिंग का पूरा लाभ मिलता है।
- PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिलता है।
नई दिल्ली: PPF Contribution: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत में सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक है। यह एक सरकारी योजना है जो टैक्स फ्री रिटर्न्स और पूरी सुरक्षा प्रदान करती है। PPF अकाउंट में जमा राशि पर सालाना ब्याज मिलता है और यह पूरी तरह से सरकार द्वारा सुरक्षित होता है। हालांकि, PPF में निवेश करते समय कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना जरूरी है। ताकि आप इसके सभी फायदे प्राप्त कर सकें।
न्यूनतम योगदान की अनिवार्यता
PPF में निवेश करते वक्त सबसे जरूरी नियम यह है कि आपको हर फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 500 रुपये का योगदान करना अनिवार्य होता है। अगर आप यह योगदान नहीं करते तो आपका PPF अकाउंट इनएक्टिव हो सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आपका अकाउंट बंद हो जाएगा। अकाउंट पर जमा राशि पर ब्याज मिलता रहेगा। लेकिन अगर आप समय पर योगदान नहीं करते तो नए निवेश का लाभ नहीं उठा सकते।
निवेश का सही तरीका
आप PPF में मासिक या सालाना दोनों तरीके से निवेश कर सकते हैं। हालांकि आपके निवेश का समय आपके रिटर्न्स पर प्रभाव डालता है। यदि आप 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच एकमुश्त निवेश करते हैं तो आपको पूरे साल का अधिकतम ब्याज मिलता है। वहीं, अगर आप हर महीने 5 तारीख से पहले निवेश करते हैं तो आपको बेहतर रिटर्न मिल सकते हैं। क्योंकि ब्याज की गणना 5 तारीख के बाद के न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है।
Contribution करना भूल जाएं तो क्या होगा?
अगर आप PPF में योगदान करना भूल जाते हैं तो आपका अकाउंट इनएक्टिव हो सकता है। ऐसे में आपको अकाउंट को फिर से एक्टिव करने के लिए 50 रुपये की पेनाल्टी और उस साल की न्यूनतम 500 रुपये राशि जमा करना होता है। उदाहरण के तौर पर यदि आपने दो साल तक योगदान नहीं किया तो आपको 100 रुपये पेनाल्टी और 1000 रुपये का न्यूनतम योगदान यानी कुल 1100 रुपये जमा करना होगा। तभी आपका अकाउंट फिर से एक्टिव हो सकेगा। इस दौरान अगर अकाउंट इनएक्टिव रहता है तो कंपाउंडिंग का लाभ नहीं मिलेगा और आपके रिटर्न पर प्रभाव पड़ सकता है।
PPF के फायदे और टैक्स छूट
PPF का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह से टैक्स फ्री है। PPF योजना EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि आपके द्वारा किया गया निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली राशि तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता। फिलहाल PPF पर 7.1% का सालाना ब्याज मिल रहा है जो अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में बेहतर है।
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