एलपीजी के लिए 30 दिनों की जरूरत का रणनीतिक भंडार बनाने की तैयारी

एलपीजी के लिए 30 दिनों की जरूरत का रणनीतिक भंडार बनाने की तैयारी

एलपीजी के लिए 30 दिनों की जरूरत का रणनीतिक भंडार बनाने की तैयारी
Modified Date: May 29, 2026 / 08:25 pm IST
Published Date: May 29, 2026 8:25 pm IST

नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी (रसोई गैस) का इतना भंडारण तैयार करें कि कम से कम 30 दिनों की मांग पूरी की जा सके। यह कदम पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के बाद उठाया गया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि सरकार रणनीतिक भंडारण को मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों को कम-से-कम 30 दिन की एलपीजी जरूरत को पूरा करने के लिए अतिरिक्त भंडारण की योजना बनाने को कहा गया है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।

फरवरी अंत में पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने के कारण भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर असर देखने को मिला है। इसकी वजह यह है कि भारत में कच्चे तेल का करीब 40 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का 65 प्रतिशत और एलपीजी का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से आता है।

शर्मा ने कहा कि भारत कच्चे तेल के भंडारण की क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। हालांकि उन्होंने इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।

सरकार ने कहा कि फिलहाल देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। एलपीजी उत्पादन भी लगभग 52,000 टन प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर पर है।

शर्मा ने कहा कि देश में किसी भी एलपीजी वितरक पर आपूर्ति बाधित होने की स्थिति नहीं पैदा हुई है। हालांकि कई पेट्रोल पंपों पर ‘असामान्य’ बिक्री देखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री में कई जिलों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इसका कारण कृषि मांग और निजी तेल खुदरा विक्रेताओं की तुलना में सरकारी कंपनियों की कीमतों का अंतर भी है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 150 से अधिक जिलों में पेट्रोल बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि 14 जिलों में बिक्री दोगुनी हो गई है।

डीजल बिक्री भी 156 जिलों में 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है जबकि छह जिलों में यह वृद्धि 100 प्रतिशत से अधिक रही है।

देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली सार्वजनिक तेल कंपनियों ने पिछले दो हफ्ते में चार बार में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ा दिए हैं।

सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ईंधन की जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी दल बनाने को कहा है तथा उपभोक्ताओं से घबराकर खरीदारी न करने की अपील की है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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