आवक घटने, मांग में सुधार से अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम मजबूत

आवक घटने, मांग में सुधार से अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम मजबूत

आवक घटने, मांग में सुधार से अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम मजबूत
Modified Date: April 16, 2026 / 08:26 pm IST
Published Date: April 16, 2026 8:26 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) कमजोर आवक और मांग बढ़ने से देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया और सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम मजबूत रहे। ऊंचे दाम के कारण सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन में गिरावट देखी गई।

मलेशिया एक्सचेंज में 3.30 बजे सुधार था। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात भी मजबूत बंद हुआ था और अभी भी सुधार जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि इस बीच सरकार ने आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि की है। सरकार ने आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि के तहत सीपीओ का 51 रुपये क्विंटल, पामोलीन में 101 रुपये क्विंटल और सोयाबीन डीगम तेल में 43 रुपये क्विंटल की वृद्धि की है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की भरतपुर मंडी में सरसों की आवक कम है। दिल्ली और हरियाणा में सरसों तेल का थोक दाम 144 रुपये किलो बैठता है जबकि सोयाबीन रिफाइंड का दाम 161 रुपये किलो बैठता है। खुदरा बाजार में सोयाबीन तेल 170-175 रुपये किलो है और सोयाबीन रिफाइंड का खुदरा दाम भी इसी के इर्द गिर्द है। दोनों तेल के पैकेजिंग का खर्च एक समान ही है। थोक बाजार में सोयाबीन रिफाइंड से लगभग 17 रुपये सस्ता होने के बावजूद उपभोक्ताओं को सरसों तेल सस्ता क्यों नहीं मिल रहा इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मंडियों में कम आवक होने के बावजूद बड़ी तेल मिलें मंडियों में आवक के बारे में भ्रामक जानकारियां दे रही हैं और सरसों की आवक के बढ़ा-चढ़ा के आंकड़े पेश करती हैं जो किसानों को हतोत्साहित कर उनसे सस्ते में माल लूटने की कोशिश हो सकती है।

शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत रहने और मांग बढने से सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में भी सुधार आया। इसी प्रकार मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत रहने तथा गर्मियों में सस्ता होने की वजह से मांग बढ़ने के कारण पाम-पामोलीन तेल के दाम में भी सुधार आया। विदेशी तेलों के दाम में मजबूती के रुख के अनुरूप बिनौला तेल में भी मजबूती रही। एक तो बिनौला तेल, मूंगफली से सस्ता भी है दूसरा गमियों में इस तेल की मांग भी बढ़ी है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,875-6,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,100-7,575 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,050 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,695-2,995 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,390-2,490 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,390-2,535 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,925 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,150 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,950 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,775-5,825 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,425-5,500 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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