नेविल टाटा को सर रतन टाटा ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाने के लिए प्रस्तावित बोर्ड बैठक रद्द

नेविल टाटा को सर रतन टाटा ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाने के लिए प्रस्तावित बोर्ड बैठक रद्द

नेविल टाटा को सर रतन टाटा ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाने के लिए प्रस्तावित बोर्ड बैठक रद्द
Modified Date: January 18, 2026 / 01:54 pm IST
Published Date: January 18, 2026 1:54 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) की एक प्रस्तावित बोर्ड बैठक कोरम (गणपूर्ति) की कमी के कारण शनिवार को रद्द कर दी गई। इस बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के बेटे नेविल टाटा को ट्रस्टी के रूप में नियुक्त किया जाना था।

नेविल टाटा को आरएसटीटी के बोर्ड में शामिल करने की कोशिश दो महीने पहले भी असफल हो चुकी है। करीब 180 अरब डॉलर से अधिक के टाटा समूह की प्रवर्तक होल्डिंग कंपनी टाटा संस में एसआरटीटी की 23.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

इस घटनाक्रम की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने कहा, ”सभी ट्रस्टी बैठक में शामिल नहीं हो सके, जो नये ट्रस्टी की नियुक्ति के लिए एक अनिवार्य शर्त है।” उस व्यक्ति ने आगे बताया कि बैठक को अगले कुछ दिनों में फिर से आयोजित किया जा सकता है।

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हालांकि, अन्य लोगों का कहना है कि ट्रस्टियों के बीच नियुक्ति पर आम सहमति बनाने के लिए संभव है कि बैठक को आगे बढ़ाया गया हो। इस संबंध में टाटा ट्रस्ट्स को भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला है।

एसआरटीटी के ट्रस्टी नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह, जिमी एन टाटा, जहांगीर एचसी जहांगीर और डेरियस खंबाटा हैं।

पिछले साल नवंबर में नेविल टाटा और भास्कर भट को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) में नियुक्त किया गया था, जिसकी टाटा संस में 28 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हालांकि, उन्हें एसआरटीटी में नियुक्त नहीं किया जा सका। टाटा से जुड़े अन्य ट्रस्टों की टाटा संस में 13.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। स्पष्ट रूप से यह नियुक्ति वेणु श्रीनिवासन द्वारा उठाए गए एक विरोध के कारण रुकी थी।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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