सार्वजनिक कानून, आदेशों का उल्ल्ंघन नहीं होना चाहिये: ट्रैटर पैरेड हिंसा पर सीआईआई अध्यक्ष

सार्वजनिक कानून, आदेशों का उल्ल्ंघन नहीं होना चाहिये: ट्रैटर पैरेड हिंसा पर सीआईआई अध्यक्ष

सार्वजनिक कानून, आदेशों का उल्ल्ंघन नहीं होना चाहिये:  ट्रैटर पैरेड हिंसा पर सीआईआई अध्यक्ष
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: January 27, 2021 1:58 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा की घटना के एक दिन बाद, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने बुधवार को कहा कि कानून-व्यवस्था का उल्लंघन नहीं होना चाहिए तथा केंद्र के साथ साथ विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों को समाधान तक पहुंचने के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहिए।

पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष उदय कोटक ने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के महत्व को समझते हैं, तो यह कुछ ऐसा होना चाहिए जो यह सुनिश्चित करे कि सार्वजनिक कानून और व्यवस्था का उल्लंघन न हो।’’

उन्होंने देखा कि पिछले दो महीनों में तीन नए कृषि कानूनों पर पर्याप्त बातचीत हुई है।

हालांकि, कोटक ने कहा कि दोनों पक्षों (सरकार और विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों) को स्थायी समाधान निकालने के लिए बातचीत का दरवाजा खुला रखना चाहिए।

मंगलवार को ट्रैक्टर परेड में किसान यूनियनों की तीन नये कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग उठाने के लिए किया जाने वाला विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया जहां हजारों किसानों ने पुलिस बैरियर को तोड़ दिया, पुलिस के झड़पबाजी हुई, ट्रैक्टर पलटे तथा लाल किला की प्राचीर पर धार्मिक झंडे फहराये गये।

इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास की संभावनाओं को साझा करते हुए, सीआईआई अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न अनुमानों के आधार पर, एक आम सहमति थी कि भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का वर्ष 2020-21 में 7-8.5 प्रतिशत का संकुचन होगा।

भाषा राजेश

राजेश मनोहर

मनोहर


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