सरकारी बैंकों ने डिजिटल ऋण मॉडल के तहत 52,300 करोड़ रुपये के एमएसएमई ऋण मंजूर किए

सरकारी बैंकों ने डिजिटल ऋण मॉडल के तहत 52,300 करोड़ रुपये के एमएसएमई ऋण मंजूर किए

सरकारी बैंकों ने डिजिटल ऋण मॉडल के तहत 52,300 करोड़ रुपये के एमएसएमई ऋण मंजूर किए
Modified Date: January 19, 2026 / 03:39 pm IST
Published Date: January 19, 2026 3:39 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि डिजिटल ऋण मूल्यांकन कार्यक्रमों के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने एक अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 के बीच 52,300 करोड़ रुपये से अधिक के 3.96 लाख से ज्यादा एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) ऋण आवेदनों को मंजूरी दी है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने 2025 में एमएसएमई के लिए डिजिटल गतिविधियों के रिकॉर्ड पर आधारित ऋण मूल्यांकन मॉडल (सीएएम) की शुरुआत की थी।

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वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह ऋण मूल्यांकन मॉडल उपलब्ध डिजिटल और सत्यापन योग्य डेटा का लाभ उठाता है। यह सभी ऋण आवेदनों के लिए निष्पक्ष निर्णय प्रक्रिया का उपयोग करते हुए एमएसएमई ऋण मूल्यांकन के लिए स्वचालित मार्ग तैयार करता है। यह मॉडल बैंक के मौजूदा ग्राहकों (ईटीबी) के साथ ही नए एमएसएमई उधारकर्ताओं (एनटीबी) दोनों के लिए मॉडल आधारित ऋण सीमा का आकलन करता है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”एक अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा डिजिटल ऋण मूल्यांकन कार्यक्रमों के तहत 52,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के 3.96 लाख से अधिक एमएसएमई ऋण आवेदनों को स्वीकृति दी गई है।”

इस मॉडल द्वारा केवाईसी प्रमाणीकरण, मोबाइल और ईमेल सत्यापन, जीएसटी डेटा विश्लेषण, बैंक स्टेटमेंट विश्लेषण (अकाउंट एग्रीगेटर के माध्यम से), आयकर रिटर्न (आईटीआर) सत्यापन और क्रेडिट सूचना कंपनियों (सीआईसी) के डेटा का उपयोग करके जांच, धोखाधड़ी की पहचान आदि के लिए डिजिटल ‘फुटप्रिंट्स’ का उपयोग किया जाता है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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