रेलवे सहकारी समितियों को संशोधित कानून के अनुसार नियमावली में बदलाव करने के निर्देश
रेलवे सहकारी समितियों को संशोधित कानून के अनुसार नियमावली में बदलाव करने के निर्देश
नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) सहकारी चुनाव प्राधिकरण (सीईए) ने सोमवार को रेलवे कर्मचारी सहकारी समितियों से अपनी नियमावली को संशोधित कानून के अनुरूप बनाने का आह्वान किया। नियामक इस क्षेत्र में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है।
प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि इस बैठक में रेलवे कर्मचारियों की 16 बहु-राज्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें 40 से अधिक पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
चर्चा का मुख्य केंद्र समितियों की नियमावली को बहु-राज्य सहकारी समिति (संशोधन) अधिनियम, 2023 के साथ जोड़ना, प्रतिनिधि सामान्य निकायों की स्थापना करना और यह सुनिश्चित करना था कि बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने से कम-से-कम छह महीने पहले चुनाव प्रस्ताव जमा किए जाएं।
सीईए के चेयरपर्सन देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण ने अपनी स्थापना के बाद से 220 चुनाव कराए हैं, जिनमें से 70 का कार्यकाल इस समय जारी है। इस प्राधिकरण का गठन 2023 के संशोधनों के बाद मतदाता सूची की निगरानी करने और बहु-राज्य सहकारी समितियों में चुनाव कराने के लिए किया गया था।
भारत में रेलवे कर्मचारियों के लिए लगभग 18 बहु-राज्य सहकारी समितियां हैं, जिनकी कुल सदस्यता 8-10 लाख श्रमिकों के बीच है। ये समितियां अनुमानित रूप से 10,000 करोड़ रुपये की जमा राशि और ऋण का प्रबंधन करती हैं और अपने सदस्यों को रियायती दरों पर कर्ज देती हैं। इनमें से चार समितियों के पास बैंकिंग लाइसेंस भी हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण


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