राजस्थान की रिफाइनरी में आग से उदघाटन कार्यक्रम टला, जांच के आदेश

राजस्थान की रिफाइनरी में आग से उदघाटन कार्यक्रम टला, जांच के आदेश

राजस्थान की रिफाइनरी में आग से उदघाटन कार्यक्रम टला, जांच के आदेश
Modified Date: April 20, 2026 / 07:06 pm IST
Published Date: April 20, 2026 7:06 pm IST

जयपुर/ नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को आग लगने की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 21 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस रिफाइनरी का लोकार्पण कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया गया है और नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अधिकारियों ने कहा कि दमकल की गाड़ियों ने करीब दो घंटे में आग पर काबू पा लिया।

आग रिफाइनरी की कच्चे तेल की डिस्टिलेशन इकाई के पास लगी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, आपातकालीन टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति पर काबू पा लिया।

इस घटना के चलते राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सोमवार का प्रस्तावित रिफाइनरी दौरा भी रद्द कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना को ‘सुरक्षा में चूक’ का संकेत बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सभी की सुरक्षा की कामना की।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस घटना को ‘गंभीर और चिंताजनक’ बताते हुए कार्यक्रम से पहले तैयारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजन की जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों से समझौता किया गया और परियोजना के क्रियान्वयन में देरी भी हुई।

इससे पहले एक आधिकारिक बयान में कहा गया था कि 79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली यह परियोजना देश के ऊर्जा और पेट्रोरसायन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को इस रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले थे। उनका बालोतरा के पचपदरा में स्थित भारत के पहले नए एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर राष्ट्र को समर्पित करने का कार्यक्रम था।

यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित की गई है। इसकी सालाना क्षमता 90 लाख टन होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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