राजस्थान: नई पारेषण लाइन के बावजूद नवीकरणीय ऊर्जा की कटौती जारी

राजस्थान: नई पारेषण लाइन के बावजूद नवीकरणीय ऊर्जा की कटौती जारी

राजस्थान: नई पारेषण लाइन के बावजूद नवीकरणीय ऊर्जा की कटौती जारी
Modified Date: January 11, 2026 / 10:50 am IST
Published Date: January 11, 2026 10:50 am IST

नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा विकासकर्ताओं को बिजली कटौती के गंभीर जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में 765 केवी खेतड़ी-नरेला पारेषण लाइन के चालू होने के बावजूद, चार गीगावॉट से अधिक की चालू क्षमता को सौर ऊर्जा के अधिकतम उत्पादन वाले समय में लगभग पूरी तरह से बंद करना पड़ रहा है।

हितधारकों की एक बैठक में 15 दिसंबर, 2025 को इस मुद्दे की समीक्षा की गई। इसमें बताया गया कि ‘अस्थाई सामान्य नेटवर्क पहुंच’ (टी-जीएनए) तंत्र के तहत संचालित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे के बीच लगभग 100 प्रतिशत कटौती का सामना कर रही हैं। बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने यह बात कही।

कटौती की यह समस्या 12 दिसंबर को खेतड़ी-नरेला लाइन के चालू होने के बाद से और तेज हो गई है, जबकि उम्मीद यह थी कि इस लाइन से ग्रिड की व्यस्तता कम होगी।

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ग्रिड इंडिया ने बैठक में बताया कि खेतड़ी-नरेला लाइन के चालू होने से पहले, टी-जीएनए के तहत व्यस्त सौर घंटों के दौरान लगभग 3.8 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को ग्रिड में भेजने की अनुमति दी गई थी। लाइन चालू होने के बाद सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीटीयूआईएल) ने लगभग 4.8 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लिए संपर्क मंजूरी प्रभावी कर दी है।

हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि लगभग चार गीगावॉट की चालू नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को अभी भी व्यस्त घंटों में प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है, और बिजली भेजने की अनुमति केवल गैर व्यस्त घंटों में चरणबद्ध तरीके से दी जा रही है।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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