आरबीआई ने बैंकों से विदेशी भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा
आरबीआई ने बैंकों से विदेशी भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा
मुंबई, नौ अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को बैंकों से कहा कि वे सीमा पार से आने वाले भुगतान की प्रक्रिया को दुरुस्त ताकि ग्राहकों को शीघ्र सूचना मिल सके और लाभार्थियों को समय पर रकम प्राप्त हो सके।
केंद्रीय बैंक की एक अधिसूचना के अनुसार, बैंकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि भुगतान प्राप्त होने के तुरंत बाद ग्राहकों को सूचित किया जाए।
विदेशी मुद्रा बाजार के समय के बाद भुगतान होने की स्थिति में, बैंकों को अगले दिन ग्राहक को सूचित करना होगा।
अधिसूचना के अनुसार, नोस्ट्रो खातों का मिलान एक घंटे से अधिक समय में नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है।
नोस्ट्रो खाता एक ऐसा बैंक खाता है जो किसी घरेलू बैंक द्वारा किसी विदेशी बैंक में खोला जाता है। इसका उपयोग घरेलू बैंक विदेशी मुद्राओं में अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को सुविधाजनक बनाने के लिए करते हैं।
आरबीआई ने एक बयान में कहा कि बैंकों को विदेशी मुद्रा बाजार के समय के दौरान उसी कारोबारी दिन में राशि जमा करने का प्रयास करने, जोखिम मूल्यांकन के आधार पर सीधी प्रक्रिया अपनाने और विदेशी मुद्रा लेनदेन को सुगम बनाने के लिए डिजिटल इंटरफेस विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि ये नियम 29 अक्टूबर, 2025 को जारी किए गए नियमों के मसौदे पर संबंधित पक्षों से प्राप्त प्रतिक्रिया पर गौर करने के बाद जारी किए गए हैं। नये बदलाव परिपत्र जारी होने के छह महीने बाद प्रभावी होंगे।
नये नियमों के अनुसार, बैंकों को सीमा पार से आने वाले भुगतान से संबंधित संदेश प्राप्त होने के तुरंत बाद अपने ग्राहकों को सूचित करना होगा, लेकिन राशि को तुरंत जमा करना अनिवार्य नहीं है। वहीं, मध्यस्थ बैंकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे सीमा पार से आने वाले लेन-देन की प्राप्ति की सूचना लाभार्थी बैंक को बिना किसी देरी के दें।
परिपत्र के अनुसार, बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्राप्त भुगतान उसी दिन जमा हो जाएं, जो कि मौजूदा फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) और अन्य नियामकीय आवश्यकताओं के अनुपालन पर निर्भर करेगा।
भाषा रमण अजय
अजय

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