RBI Polymer Notes: क्या भारत में जल्द आएंगे प्लास्टिक नोट? आरबीआई ने दिया ये बड़ा अपडेट, जानिए पॉलीमर नोट के फायदे
RBI Polymer Notes: आरबीआई अब प्लास्टिक नोट यानी पॉलीमर नोट लाने की तैयारी में है। ये नोट जल्दी नहीं फटेंगे, पानी से खराब नहीं होंगे।
RBI Polymer Notes/Image: AI Generated
- RBI देश में टिकाऊ और मजबूत पॉलीमर नोट लाने की तैयारी कर रहा है
- नए नोट पानी, धूल और फटने से अधिक सुरक्षित होंगे तथा लंबे समय तक चलेंगे
- भारत में चलन में मौजूद करेंसी 42.86 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है
RBI Polymer Notes: क्या आपके जेब में रखें हुए नोट अक्सर गलती से फट जाते हैं? अब ये परेशानी जल्दी ही दूर होने वाली है क्योंकि आरबीआई अब प्लास्टिक नोट यानी पॉलीमर नोट लाने की तैयारी में है। जानिए नए नोटों के फायदे, मजबूती, पानी से सुरक्षा और इससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये नोट मौजूदा कागज वाले नोटों की तुलना में ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होंगे। ये नोट (RBI Polymer Notes) जल्दी नहीं फटेंगे, पानी से खराब नहीं होंगे और लंबे समय तक उपयोग में रहेंगे, जिससे नोट बदलने की जरूरत कम पड़ेगी और सरकार का नोट छापने का खर्च भी कम हो सकता है।
आरबीआई बोर्ड की बैठक में हुई चर्चा
बताया जा रहा है कि आरबीआई बोर्ड (RBI Polymer Notes) की बैठक में इस योजना पर चर्चा हुई है। इससे पहले भी साल 2012 में पॉलीमर नोटों को शुरू करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं के चलते इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब तकनीक और एटीएम मशीनों के अपडेट होने के बाद आरबीआई इस योजना को फिर से लागू करने की तैयारी कर रहा है।
लगातार बढ़ रही नकदी की मांग
आज देश में पेमेंट (RBI Polymer Notes) का तरीका तेजी से बदल रहा है। लगभग हर जगहों जैसे शॉपिंग मॉल, बाजार, या फिर राशन की दूकान पर लोग डिजिटल पेमेंट करने लगे है, लेकिन इसके बावजूद नकदी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। 15 मई 2026 तक देश में चलन में मौजूद करेंसी बढ़कर रिकॉर्ड 42.86 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 11.5 प्रतिशत ज्यादा है।
सरकार का खर्च भी होगा कम
नोट छापने (RBI Polymer Notes) पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। साल 2024-25 में नोटों की छपाई पर करीब 6,372 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके साथ ही करीब 2024-25 में करीब 238 अरब पुराने और गंदे नोट वापस लिए गए, जो पिछले साल के मुकाबले 12.3 प्रतिशत ज्यादा थे। आरबीआई का मानना है कि पॉलीमर नोट लाने से बार-बार नए नोट छापने की जरूरत कम पड़ेगी। इससे सरकार का खर्च भी घट सकता है।
पॉलीमर नोट कई देशों हो रहे इस्तेमाल
दुनिया के करीब 60 देशों में पॉलीमर नोट (RBI Polymer Notes) पहले से उपयोग किया जा रहा हैं। जिसमें ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, कनाडा, मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों भी शामिल है। इन नोटों का फायदा यह है कि ये पानी और गंदगी से जल्दी खराब नहीं होते।
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