आरबीआई ने डिजिटल बैंकिंग धोखाधड़ी में ग्राहकों के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों का प्रस्ताव रखा
आरबीआई ने डिजिटल बैंकिंग धोखाधड़ी में ग्राहकों के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों का प्रस्ताव रखा
मुंबई, छह मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने डिजिटल लेनदेन में ग्राहकों की जवाबदेही से जुड़े ढांचे को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को संशोधन दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया। इसका उद्देश्य डिजिटल बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में उपभोक्ता संरक्षण बढ़ाना और शिकायतों का त्वरित निपटान करना है।
आरबीआई ने कहा कि डिजिटल भुगतान और बैंकिंग व्यवस्था में आए व्यापक बदलावों को देखते हुए 2017 में लागू मौजूदा नियमों की समीक्षा की गई है। संशोधित प्रस्तावों का मकसद अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन के दायरे को व्यापक बनाना और नई श्रेणियों के धोखाधड़ी मामलों को भी इसमें शामिल करना है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि मसौदा दिशानिर्देशों पर हितधारक और आम जनता छह अप्रैल, 2026 तक अपनी प्रतिक्रिया या सुझाव दे सकते हैं।
आरबीआई ने यह कदम फरवरी की मौद्रिक नीति में की गई घोषणा के अनुरूप उठाया है।
मसौदे दिशानिर्देशों में बैंकों से कहा गया है कि वे ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे में लगने वाले समय को कम करें।
इसके अलावा छोटे मूल्य के धोखाधड़ी वाले लेनदेन के लिए मुआवजा व्यवस्था लाने का भी प्रस्ताव किया गया है, ताकि प्रभावित ग्राहकों को तेजी से राहत मिल सके।
आरबीआई ने कहा कि यह मुआवजा व्यवस्था दिशानिर्देशों के प्रभावी होने की तारीख से एक वर्ष तक लागू रहेगी। इसके अनुभव के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी, जिसमें बैंकों की हिस्सेदारी बढ़ाने और केंद्रीय बैंक की भूमिका को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जाएगा।
भाषा योगेश प्रेम
प्रेम

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