आरबीआई ने ऋण जोखिम से जुड़े संशोधन मसौदे पर सुझाव मांगे

आरबीआई ने ऋण जोखिम से जुड़े संशोधन मसौदे पर सुझाव मांगे

आरबीआई ने ऋण जोखिम से जुड़े संशोधन मसौदे पर सुझाव मांगे
Modified Date: June 10, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: June 10, 2026 8:20 pm IST

मुंबई, 10 जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘काउंटरपार्टी’ यानी प्रतिपक्ष ऋण जोखिम (सीसीआर) के मानकीकृत दृष्टिकोण से जुड़े संशोधित दिशानिर्देशों के मसौदे पर बुधवार को सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित कीं।

किसी लेन-देन में प्रतिपक्ष कोई भी व्यक्ति, व्यवसाय, सरकार या वित्तीय संगठन हो सकता है जो सौदे में शामिल हो।

केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि प्रस्तावित बदलावों में बैंकिंग और ट्रेडिंग के लिए रखी गई संपत्तियों से जुड़े जोखिम में सीसीआर के दायरे को स्पष्ट करना शामिल है।

इसके साथ ही, कई मार्जिन समझौतों और कई लेन-देन को जोड़-घटाकर जोखिम निकालने के नियमों पर कानूनी एवं नियामकीय विकासों के अनुरूप विस्तृत दिशा-निर्देश देने का प्रस्ताव है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सेबी से मान्यता-प्राप्त शेयर बाजारों के इक्विटी एवं जिंस आधारित सौदों के खंड में समाशोधन सदस्य के रूप में बैंकों द्वारा किए जाने वाले लेनदेन के उपचार को भी स्पष्ट करने की बात कही है।

इसके अलावा, ऑप्शन प्रीमियम के भुगतान को टालने, ऑप्शंस के प्रभावी नोटेशनल की गणना और एसए-सीसीआर के तहत प्रकटीकरण प्रारूप तय करने का भी प्रस्ताव है।

आरबीआई ने वर्ष 2016 में डेरिवेटिव लेनदेन से उत्पन्न सीसीआर जोखिम की गणना और केंद्रीय प्रतिपक्षों के प्रति बैंकों की पूंजी जरूरतों पर दिशानिर्देश जारी किए थे, जिनका कार्यान्वयन बाद में स्थगित कर दिया गया था।

केंद्रीय बैंक ने विनियमित संस्थाओं, बाजार प्रतिभागियों और अन्य हितधारकों से इन प्रस्तावों पर एक जुलाई, 2026 तक टिप्पणियां मांगी हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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