CG Liquor Overrating News : शराब की हर बोतल पर ‘खेल’! 10-20 रुपए की ओवररेटिंग से सालभर में 1500 करोड़ की कमाई का दावा

छत्तीसगढ़ में शराब की बोतलों पर तय कीमत से 10 से 20 रुपये अधिक वसूले जाने का दावा किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, यदि औसतन 15 रुपये प्रति बोतल अतिरिक्त वसूली मानें तो सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।

CG Liquor Overrating News : शराब की हर बोतल पर ‘खेल’! 10-20 रुपए की ओवररेटिंग से सालभर में 1500 करोड़ की कमाई का दावा

CG Liquor Overrating News / Image Source : FILE


Reported By: Rajesh Raj,
Modified Date: June 10, 2026 / 08:03 pm IST
Published Date: June 10, 2026 7:59 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हर बोतल पर 10-20 रुपये अतिरिक्त वसूली का दावा
  • सालाना 1500 करोड़ रुपये तक की ओवररेटिंग का अनुमान
  • प्रदेश में रोजाना 28.65 लाख शराब की बोतलों की खपत

रायपुर : CG Liquor Overrating Newsछत्तीसगढ़ में शराब का पूरा कारोबार पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में चलता है। सरकार ही शराब की कीमत तय करती है और वही शराब दुकानों पर सेल्समैन की तैनाती करती है। लेकिन इसके बावजूद यहां बिकने वाली लगभग हर शराब की बोतल पर 10 से 20 रुपये तक अतिरिक्त वसूली की जा रही है। बताया जाता है कि ओवररेटिंग से होने वाली यह कमाई सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।

तय कीमत से 10 से 20 रुपये ज्यादा वसूली

सरकार की ओर से तय रेट पर लोगों को शराब बेचने के आबकारी विभाग के दावों की पोल खोलती यह हकीकत प्रदेश के किसी दूर-दराज क्षेत्र की नहीं, बल्कि राजधानी रायपुर की है। Raipur Liquor Scam 2026 यहां आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड का मुख्यालय मौजूद है। तय दर पर शराब बिक्री सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों पर है, लेकिन ओवररेटिंग की आड़ में सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का ऐसा सिस्टम विकसित हो चुका है, जिसके आगे कोई नियम या सख्ती असरदार साबित नहीं हो पा रही है।नतीजा यह है कि चाहे शराब की दुकान शहर में हो, गांव में, जिला मुख्यालय में या राजधानी में, लगभग हर जगह देसी और विदेशी शराब की बोतलों पर निर्धारित कीमत से 10 से 20 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं।

हर दिन 28 लाख 65 हजार बोतलों की खपत

आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच प्रतिदिन औसतन शराब की बिक्री इस प्रकार रही

स्प्रिट : 7.21 लाख बोतल
माल्ट : 1.98 लाख बोतल
मसाला : 7.66 लाख बोतल
प्लेन : 11.80 लाख बोतल

यानी प्रदेश में प्रतिदिन कुल 28 लाख 65 हजार शराब की बोतलों की खपत हुई।

सरकारी बिक्री से 11 फीसदी ज्यादा कमाई

यदि प्रत्येक बोतल पर औसतन 15 रुपये अतिरिक्त वसूली मान ली जाए, तो प्रतिदिन करीब 4.30 करोड़ रुपये की अवैध कमाई होती है। Chhattisgarh Excise Department Corruption जबकि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 38 करोड़ रुपये की शराब बिक्री होती है।इस तरह कुल सरकारी बिक्री के मुकाबले 11 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त कमाई केवल ओवररेटिंग से की जा रही है। इस हिसाब से हर महीने लगभग 129 करोड़ रुपये और सालभर में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई सिर्फ ओवररेटिंग के जरिए हो रही है।

ओवररेटिंग की शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

ताज्जुब की बात यह है कि जहां सरकार शराब बिक्री से लगभग 11 हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करती है, वहीं ओवररेटिंग से होने वाली कथित अवैध वसूली 1500 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। Vकहने की जरूरत नहीं कि इस कमाई के बंटवारे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं। यही वजह है कि शराब दुकानों के संचालन से जुड़ी एजेंसियों को हासिल करने की होड़ भी देखने को मिलती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर ओवररेटिंग की शिकायतों के बावजूद इस व्यवस्था को खत्म करने के लिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी।

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